प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच अगली मुलाकात बहुत जल्द होगी। उम्मीद है कि दोनों नेता स्विट्जरलैंड के दावोस में 20 से 23 जनवरी तक चलने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मिल सकते हैं। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे में पुष्टि कर दी है। इसके अलावा मार्च अंत तथा अप्रैल के शुरू में अमेरिका में होने वाला परमाणु सुरक्षा सम्मेलन भी दोनों नेताओं की मुलाकातों का सबब बन सकता है।
सूत्रों के मुताबिक मोदी जब शरीफ से लाहौर में मिले थे तो उनके बीच केवल कश्मीर और द्विपक्षीय वार्ता बहाल करने पर ही बात नहीं हुई थी। दोनों नेताओं ने अपनी अगली मुलाकात पर भी चर्चा की थी। इस मुलाकात का मकसद नियमित तौर पर आमने-सामने की बातचीत करना और अपने देश में वार्ता फिर से शुरू करने के व्यक्तिगत वादे का संकेत देना था। जनवरी में प्रस्तावित भेंट इसी का नतीजा है। इसके अलावा मोदी-शरीफ के पास मिलने का एक और मौका होगा। वाशिंगटन में 31 मार्च से परमाणु सुरक्षा पर सम्मेलन होना है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कार्यक्रम के लिए दोनों नेताओं को आमंत्रित किया है।
वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता इस्लामाबाद में होगी। पाकिस्तान ने इसके लिए भारत के समक्ष 15 जनवरी की तारीख सुझाई है। भारत को भी इस तारीख पर कोई एतराज नहीं है। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता का एजेंडा तय किया जाएगा। समग्र वार्ता का दौर अगले साल मार्च में शुरू हो सकता है। माना जा रहा है कि इससे पहले द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने सहित रिश्तों में नरमी लाने के लिए दोनों देश कई महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे।