कानपुर के कोयला नगर में शुक्रवार को चुनावी रैली के दौरान मंच पर नरेंद्र मोदी और मुरली मनोहर जोशी एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले।
जोशी ने स्वागत में बुके बढ़ाया तो मोदी लपक कर उनके पांव पर झुक गए और उन्हें अपनी लिए सजी कुर्सी पर बैठा दिया।
साथ ही उन्हें अपना मार्गदर्शक बताया। इस जुगलबंदी को देख कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाईं और आवाज गूंजी- यह है मोदी भाई का बड़प्पन।
जोशी ने बुके दिया, मोदी पांव पर झुके
भाजपा के कद्दावर नेता मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी के बीच मनमुटाव की खबरें पिछले दिनों चर्चा का विषय बनी थीं। कभी बनारस की सीट तो कभी बयानों पर सुर्खियां बनीं।
मोदी पर जोशी के हालिया बयान ने तो चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया था। शुक्रवार दोपहर 1.45 पर मोदी का हेलिकॉप्टर लैंड किया, मोदी सीधे तेज कदमों से अपनी कलाई में बंधी घड़ी देखते मंच पर पहुंचे और हाथ जोड़कर भीड़ को प्रणाम किया।
तभी जोशी ने बुके बढ़ाया तो मोदी उनके पांव पर झुक गए। जोशी उन्हें पकड़ लिया और मोदी बोले-कैसे हैं डॉक्टर साहब? जोशी बोले-बिल्कुल ठीक।
प्यार भी आपको हो जाएगा रफ्ता-रफ्ता...
इस बीच जोशी ने उन्हें उस बड़ी कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया जो उनके लिए मंच के बीच सजाई गई थी। पर मोदी ने जोशी को आगे कर उस कुर्सी पर बैठा दिया। जोशी मुस्कुरा कर उस पर विराजमान हो गए।
बस, पूरा मैदान मोदी-मोदी-मोदी से गूंज उठा। किसी ने इसे मोदी की महानता कहा तो किसी ने राजनीति तो किसी ने कूटनीति। मंच के ठीक सामने बेरीकेडिंग के पार एक नेता अचानक शायर हो गए-प्यार भी आपको हो जाएगा रफ्ता-रफ्ता, दिल न मिलता है तो नजरें ही मिलाते रहिये।
मोदी ने भाषण में जोशी को अपना मार्गदर्शक बताते हुए उन्हें जिताने की जोरदार अपील की। इसके पहले जोशी ने अपने संबोधन में मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बनाना है।