भाजपा की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर अमेरिका में सवाल उठाए जा रहे हैं।
अमेरिकी संसद के धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित आयोग के दो सदस्यों ने इस फैसले पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि वह हिंसा के जिम्मेदार लोगों को सजा देने में भारत की विफलता के प्रतीक हैं।
मंगलवार को सीएनएन के लिए लिखे गए एक विशेष स्तंभ में कैटरीना स्वेट और मैरी एन ग्लेंडन ने कहा कि गुजरात के एक दूसरे बेटे महात्मा गांधी थे, जिन्होंने कभी देश और इसके बहु-धार्मिक समाज के सामने एक व्यापक और सहिष्णु नजरिया पेश किया था।
अब जैसे-जैसे 2014 नजदीक आ रहा है, देखना होगा कि किसके नजरिए को अपनाया जाता है? कौन सा भारत रहेगा, धार्मिक स्वतंत्रता वाला या धार्मिक असहिष्णुता का? समय बताएगा।
स्वेट अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता (यूएसीआईआरएफ) पर अमेरिकी आयोग की उपाध्यक्ष हैं। जबकि ग्लेंडन इसकी आयुक्त हैं। ‘टू फेसेज ऑफ इंडिया’ शीर्षक से यह विशेष स्तंभ सीएनएन के चर्चित कार्यक्रम ‘ग्लोबल पब्लिक स्केवयर’ के ब्लॉग पर प्रकाशित किया गया है। भारतीय मूल के प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रकार फरीद जकारिया इस कार्यक्रम के संचालक हैं।