प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को ब्रिटिश संसद को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने स्पीकर का धन्यवाद दिया। दोनों देशों के संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण में अहम योगदान निभाने वाले अधिकतर भारतीय ब्रिटेन में पढ़े हैं जिन्होंने भारत को आधुनिक बनाया।
मोदी ने कहा कि यह गर्व करने वाली बात है कि ब्रिटेन आज भी भारत के लिए एक प्रेरणा का श्रोत बना हुआ है। चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो, खेल का हो या फिर कला का।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश संसद के बाहर गांधी की प्रतिमा हमारे लिए एक गर्व की बात है। मैं यहां भारतीय नेतृत्व का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं और मुझे खुशी है कि भारत-ब्रिटेन कई क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं। दोनों देश रक्षा के क्षेत्र में भी एक साथ काम कर रही हैं और कई अभ्यास कार्यक्रमों में दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र की बात करते हुए कहा कि आज भी हजारों की संख्या में भारतीय यहां पढ़ने आते हैं। ब्रिटेन भारतीय छात्रों के पसंदीदा देशों में है। आशा करता हूं कि हजारों की संख्या में भारतीय युवक यहां स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आएंगे और सूचना तकनीक के बारे में सिखेंगे। उन्होंने कहा की आज भारत संभावनाओं से भरा देश है। पूरी दुनिया आज भारत की ओर देख रही है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना का भी जिक्र किया।