गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को आसाराम के बेटे नारायण साईं की याचिका पर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।
साईं ने याचिका में यौन शोषण मामले में अपने खिलाफ सूरत कोर्ट द्वारा पिछले महीने जारी गिरफ्तारी वारंट को खत्म करने की अपील की है। जस्टिस हर्षा देवानी मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को करेंगी।
सूरत की दो बहनों ने 6 अक्तूबर को जहांगीरपुरा पुलिस स्टेशन में आसाराम और नारायण साईं के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी।
28 अक्तूबर को सूरत कोर्ट ने साईं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। फिलहाल साईं फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
साईं के वकील ने हाईकोर्ट में कहा कि साईं ने एफआईआर दर्ज होने के पांच दिन के अंदर अग्रिम जमानत का आवेदन किया था। ऐसे में गिरफ्तारी वारंट पर अमल याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत लेने के हक से वंचित करना होगा। सरकारी वकील ने कहा कि नारायण साईं को कोर्ट भगोड़ा घोषित कर चुकी है और उसका व्यवहार चिंतित है।
सूरत की दोनों बहनों ने अपनी शिकायत में कहा था कि 2002 से 2005 के बीच आसाराम के सूरत आश्रम में कई बार यौन शोषण किया गया। बड़ी बहन ने आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 72 वर्षीय आसाराम यौन शोषण के एक अन्य मामले में इन दिनों जोधपुर की जेल में बंद हैं।