प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा नेताओं को जीत का मंत्र दिया है। उन्होंने पार्टी नेताओं से ‘एकजुट रहो-एक सुर में बोलो’ के मंत्र पर अमल करने को कहा है। हालांकि प्रदेश पार्टी नेताओं के लिए यह मंत्र परेशानी का सबब बन गया है। इसके आड़े आपसी गुटबाजी आ रही है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार मुंबई दौरे पर आए मोदी एक होटल में पार्टी के छोटे-बड़े 90 नेताओं और पदाधिकारियों से मिले। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री भले हूं लेकिन उससे पहले मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं।
उन्होंने पार्टी नेताओं से राज्य की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर बातचीत की। इसके बाद उन्होंने एकजुट रहने और एकसुर में बोलने का मंत्र दिया।
प्रदेश भाजपा पहले से ही गुटबाजी का शिकार है। गोपीनाथ मुंडे के जीवित रहते ही राज्य में दो गुट सक्रिय थे। एक गुट की अगुवाई स्व. मुंडे खुद करते थे तो दूसरे गुट के नेता केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी थे।
मुंडे के निधन के बाद चर्चा थी कि नितिन गडकरी महाराष्ट्र भाजपा में सक्रिय होंगे और उनका निर्णय अंतिम होगा लेकिन वह प्रदेश की बजाए देश की राजनीति में रुचि ले रहे हैं।