डॉक्टर को हर मरीज की पर्ची पर किसी भी दवा का नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा। इसे सख्ती से लागू करने को भारत सरकार कानूनी प्रावधान करने जा रही है। यह व्यवस्था अभी कानूनन अनिवार्य नहीं थी।
इसके लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशन में बदलाव किया जा रहा है। इसके बदलते ही देश के तमाम राज्यों में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
दवाओं के ब्रांडेड नाम लिखने वाले डॉक्टरों के लिए यह बड़ा झटका होगा। इससे दवा कंपनियों से कमीशनखोरी पर जहां रोक लगेगी, वहीं आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
भारत सरकार में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य शिक्षा अली रजा रिजवी ने इस संबंध में 28 जुलाई को एक पब्लिक नोटिस जारी किया है।
रिजवी इससे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से पब्लिक नोटिस जारी कर इस पर आम लोगों से सुझाव और फीडबैक मांगा है।