सुखदेव सिंह नामधारी ने आपराधिक काम के लिए एक गैंग बना रखा था, लेकिन वह गैंग पोंटी चड्ढा के लिए काम करता था। उस गैंग के सदस्य पोंटी चड्ढा के लिए कब्जा करना, मारपीट व धमकाना, गोली चलाना, अवैध शराब की दुकानों को हटाने आदि काम करते थे। यह खुलासा नामधारी के दो गिरफ्तार आदमियों सिमरनजीत सिंह उर्फ लाडा और जगबीर सिंह उर्फ सोनू ने किया है। अपराध शाखा की टीम इन दोनों को शनिवार को पंजाब लेकर जाएगी।
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आरोपियों ने बताया है कि वे कब्जा और मारपीट के अलावा और कोई काम नहीं करते थे। आमतौर पर वे भूमिगत रहते थे। केवल इन्हीं कामों के लिए बाहर आते थे। नामधारी के इस गैंग के सदस्यों को 14 हजार रुपये प्रतिमाह तनख्वाह व खाना-पीना मिलता था। गैंग के नए सदस्यों को दस हजार रुपये मिलते थे।
नामधारी के गिरफ्तार दोनों आदमियों ने बताया कि वे नामधारी के लिए करीब सात साल से काम कर रहे थे। सूत्रों ने बताया कि नामधारी के अन्य लोगों को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस दोनों को पंजाब व उसके बाद उत्तराखंड के बाजपुर लेकर जाएगी।
पोंटी के मैनेजर को अस्पताल से छुट्टी
पोंटी के मैनेजर नरेंद्र एहलावत को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नरेंद्र को चलने में परेशानी हो रही है अत: उससे कुछ दिन बाद पूछताछ की जाएगी। उधर पुलिस का कहना है कि फार्महाउस कब्जा मामले में नरेंद्र की स्पष्ट भूमिका सामने नहीं आ पाई है। उसे बाद में फोन कर बुलाया गया था और उससे फार्महाउस का गेट खोलने के लिए कहा गया था। पुलिस का कहना है कि नरेंद्र से पूछताछ के बाद ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।