गाय के मांस पर चल रही बहस को संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नई हवा दे दी है। उन्होंने एक चैनल के कार्यक्रम में कहा कि जो भी गाय का मांस खाए बिना मर रहे हों वो पाकिस्तान जा सकते हैं।
नकवी ने कहा कि ये एक वर्ग की आस्था और श्रद्धा का प्रश्न है और गाय के मांस पर पाबंदी जायज है। कार्यक्रम एआईएमआईएम के ओवैसुद्दीन ओवैसी भी थे। जिन्होंने नकवी के बयान का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि गोवा के सीएम भी गाय का मांस खाते हैं तो क्या उन्हें भी पाकिस्तान चले जाना चाहिए? जिस पर नकवी ने कहा कि मुसलमान भी इसके खिलाफ हैं और इस पर बैन लगना चाहिए।
पूरी तरह से बंद होंगे कत्लखाने
इस मुद्दे पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार इसे पूरी तरह से बंद करने की ओर काम कर रही है। राजनाथ सिंह ने कहा था कि इस देश में गायों के कत्लखाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पिछले महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मेघालय गए थे,जहां गाय के मांस पर बैन के विरोध में उनका स्वागत बीफ पार्टी से किया गया था। जिसके बाद भाजपा नेता राम माधव ने कहा था कि सरकार नॉर्थ ईस्ट में गाय के मांस पर बैन नहीं लगाएगी।
बताते चलेें कि हाल ही में महाराष्ट्र में राज्य सरकार ने गाय के मांस पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है, जिसके बाद गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा था कि गोवा में बीफ कभी बैन नहीं होगा।
नकवी हैं बेवकूफ
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मारकंडेय काटजू ने मुख्तार अब्बास नकवी के इस बयान का विरोध किया है। काटजू ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि 'मैं हिन्दू हैूं और मैंने गाय का मांस खाया है।गाय का मांस खाने में क्या बुराई है, जबकि दुनिया में 90 प्रतिशत लोग गौमांस खाते हैं।'
उन्होंने ये भी लिखा है कि 'इसीलिए मैं कहता हूं कि 90 प्रतिशत भारतीय बेवकूफ हैं, जिसमें मुख्तार अब्बास नकवी भी शामिल हैं। काटजू ने लिखा है कि जो 90 प्रतिशत लोग बीफ खाते हैं क्या वे सभी पापी हैं? साथ ही साथ उन्होंने ये भी लिखा है कि ये कैसे हो सकता है कि एक इंसान की माता कोई जानवर हो?'