चीन और पाकिस्तान के बाद अब छोटा सा मुल्क म्यांमार भी भारत को आंखें दिखाने लगा है।
म्यांमार की सेना ने मणिपुर से लगती सीमा पर न केवल बाड़ लगाने की कोशिश की, बल्कि वहां एक रक्षा चौकी बनाने की भी तैयारी कर ली, जबकि इस इलाके में दोनों देशों के बीच सीमा का निर्धारण ही नहीं हुआ है।
मामले के खुलासे के बाद भारत ने म्यांमार से इस मुद्दे पर कड़ा ऐतराज जाहिर कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक हाल ही में मणिपुर के चंदेल जिले के सीमावर्ती गांव मोरेह से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर म्यांमार की सेना ने निर्माण सामग्री जमा कर रखी थी। इसका इस्तेमाल बाड़ लगाने और कैंप तैयार करने में किया जाना था।
इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह द्वारा की गई मांग के बाद केंद्र ने म्यांमार के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था। जिसके बाद म्यांमार ने निर्माण संबंधी गतिविधियों को रोक दिया है।
राज्य सरकार ने केंद्र को सतर्क किया था कि अगर पड़ोसी देश ने सीमा पर निर्माण किया तो राज्य को अपना बड़ा हिस्सा खोना पड़ सकता है।
कुछ दिन पहले भी म्यांमार की तरफ से राज्य के होलेनफाई गांव से लगती सीमा पर बेस कैंप बनाने की कोशिश की गई थी।
मणिपुर के राज्यपाल अश्विनी कुमार ने भी मंगलवार को चंदेल जिले में मोरेह शहर की सीमा के पास 10 किलोमीटर लंबे इलाके का जायजा लिया जहां म्यांमार ने हाल ही में बाड़ लगाने की कोशिश की।
हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने इस मामले को म्यांमार सरकार के समक्ष उठाया था और इसे सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया है। उन्होंने म्यांमार द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की बात से इंकार किया।
इस क्षेत्र में तैनात असम रायफल्स ने गृहमंत्रालय को भेजी सूचना में कहा है कि म्यांमार सेना ने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया।
सूचना में कहा गया है कि म्यांमार सैनिक सीमा पर स्थित बॉर्डर पिलर 76 (बीपी) के पास अस्थायी रक्षा चौकी बनाने के लिए पेड़ों की कटाई कर रहे थे जिसे रुकवा दिया गया।
म्यांमार की इन गतिविधियों की जानकारी बीते हफ्ते सामने आई। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक सीमा पर 10 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।
संयुक्त सीमा कार्य समूह का गठन करे म्यांमार
दोनों देशों के बीच सीमा के सही निर्धारण को लेकर भारत ने म्यांमार से संयुक्त सीमा कार्य समूह गठित करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद अकबरुद्दीन ने बताया कि म्यांमार द्वारा सीमा पर हालिया निर्माण मामले के सामने आने के बाद भारत ने इसके गठन पर जोर दिया है।