जौली गंगनहर पर हुए हमले को लेकर 13 दिन से मच रही हायतौबा के बाद शुक्रवार को पानी रोका जा सका। गंगनहर में ट्रैक्टर और लाशें होने की आशंका को लेकर यह कदम उठाया गया है।
अफसरों ने इलाके का भ्रमण कर लोगों का दर्द सुना। सात सितंबर की शाम को जौली नहर पर हुए अप्रत्याशित हमले के बाद से बड़ी अनहोनी का शोर है।
हमले में सात लोगों की मौत के बाद 14 ट्रैक्टर जलाने के साथ गंगनहर में फेंक दिया गया था। यह तमाम लाशें एक-एक कर बरामद हुईं।
पहले दिन से इलाके के लोग नहर का पानी बंद कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन उपेक्षा के चलते प्रशासन कोई फैसला नहीं ले सका।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ने गुरुवार को घटनास्थल का अवलोकन करने के साथ लोगों से बातचीत की।
आशंकाओं के मद्देनजर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शासन से गंगनहर का पानी चार दिन के लिए बंद किए जाने का अनुरोध किया था।
शासन की पहल पर पथरी से शुक्रवार को गंगनहर का पानी रोक दिया गया। डीएम और एसएसपी ने इलाके का भ्रमण करने के बाद बताया कि शनिवार सुबह तक पूरा पानी उतर जाएगा।
इसी के साथ यह भी साफ हो जाएगा कि पानी में ट्रैक्टर अथवा दूसरा वाहन तो नहीं पड़ा। दूसरा शवों को लेकर भी भ्रांति दूर हो जाएगी।