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दंगों के आरोपी को मोदी ने बनाया मंत्री

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नरेंद्र मोदी सरकार का नवगठित मंत्रिमंडल विवादों से घिर गया है। यूपीए सरकार के मुकाबले छोटा मंत्रिमंडल गठित कर तारीफ बटोरने की उम्मीद लगाए बैठे भाजपा रणनीतिकार भी मुश्किल में हैं।
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एक रिपोर्ट में मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल में 30 फीसदी ऐसे मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी संजीव बालीयान को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर अलग ही बखेड़ा खड़ा हो गया है।

कांग्रेस महासचिव ने संजीव बालियान की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि दंगों के आरोपी संजीव बालियान को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का क्या मतलब निकाला जाए? क्या इसमें कोई संदेश छिपा है?
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मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी हैं बालियान

बालियान मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन पर निषेधाज्ञा उल्लंघन और दो समुदायों के बीच दुर्भावना फैलाने का मामला दर्ज किया है। बालियान सितंबर, 2013 में मुजफ्फरनगर में हुई उस विवादित महापंचायत का भी हिस्‍सा थे, जिसके बाद इलाके में दंगे भड़के थे।

लोकसभा चुनाव में बालियान मुजफ्फरनगर से चार लाख से अधिक वोटों से जीते थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने चुनाव नतीजों के बाद मुजफ्फरनगर ने विजय जूलुस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इसके बाद भी बालियान ने विजय जूलुस निकाला था। उस जूलुस में जय श्री राम और हर-हर मोदी के नारे लगे थे।

कई खूबियां भी हैं मोदी मंत्रिमंडल में

मोदी सरकार को मंत्रिमंडल आकार में यूपीए सरकार से छोटा है। औसत उम्र के मामले में भी ये यूपीए मंत्रीमंडल से युवा है। मोदी के मंत्रियों की औसत उम्र 60 साल है, जबकि यूपीए सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र 3 साल अधिक थी।

मोदी की मंत्रियों का संपत्ति का औसत 13 करोड़ है। 14 ऐसे मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई है, जिनपर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

राज्यसभा की पूर्व उपसभापति नजमा हेपतुल्‍ला मोदी मंत्रिमंडल की सबसे उम्रदाराज मंत्री हैं। वह 73 साल की हैं। 38 साल की स्मृति ईरानी सबसे कम उम्र की मंत्री हैं।

मोदी मंत्रिमंडल में 7 महिलाएं

पिछले मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र के मंत्री पल्‍लम राजू थे, जिनकी उम्र 52 साल थी। पल्लम राजू के पास भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी थी। स्मृति के पास भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ही जिम्मेदारी है।

मोदी मंत्रिमंडल में 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनमें 6 को कैबिनेट स्तर का मंत्री बनाया गया है। केवल निर्मला स‌ीतारमन को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।

पिछली सरकार में मात्र दो महिलाओं को ही कैबिनेट रैंक दी गई थी, जबकि 71 सदस्यों के मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या 9 ‌थी।
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उमा भारती पर सबसे ज्यादा मामले

पिछली सरकार में कैबिनेट स्तर पर चंद्रेश कुमार कटोच संस्कृति और गिरीजा व्यास आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री थी।
यूपीए और एनडीए सरकार में एक बार कॉमन है।

दोनों ही सरकारों में सहयोगी दलों को चार मंत्रालय सौंपे गए।

मोदी सरकार के आरोपी मंत्रियों की बात करें तो उमा भारती पर सबसे ज्यादा मामले दर्ज हैं। हत्या के प्रयास और दो समुदायों के बीच दुर्भावना फैलाने समेत उमा पर 13 मामले दर्ज हैं। नीतीन गडकरी पर चार मामले दर्ज हैं।
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