दारुल उलूम देवबंद के पूर्व वाइस चांसलर गुलाम मोहम्मद वस्तानवी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी को अगर जनता प्रधानमंत्री चुनती है तो मुस्लिमों को कोई आपत्ति नहीं हो सकती।
उन्होंने यहां कहा, ‘अगर अपना मुल्क उनको पीएम बनाता है तो हमारी तरफ से कोई इंकार हो ही नहीं सकता।’ वस्तानवी से मोदी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर अपने विचार बताने को कहा गया था। वह रविवार को गुजरात सार्वजनिक वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा 162 मुस्लिम जोड़ों के सामूहिक निकाह कार्यक्रम में हिस्सा लेने यहां आए थे।
गुजरात में मुस्लिमों की स्थिति पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘पिछले 10 साल से यहां भाजपा शासन कर रही है। यदि वह मुस्लिमों की बेहतरी के लिए काम करती है तो मुस्लिम उसका समर्थन करेंगे और यदि ऐसा नहीं होता उससे दूर हो जाएंगे।’
हाल में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा लोकसभा में व्यक्त किए विचारों का समर्थन करते हुए वस्तानवी ने कहा, ‘यदि भाजपा अपना एजेंडा बदलती है, अपनी विचारधारा में परिवर्तन करती है और धर्मनिरपेक्ष राह अपनाती है तो इस बात का कोई कारण नहीं कि लोग उसे समर्थन न दें।’
उल्लेखनीय है कि 2011 में वस्तानवी मोदी को लेकर विवादों में घिर गए थे। तब उन्होंने गुजरात में विकास की लहर के दौरान मुस्लिमों की स्थिति में सुधार का बयान दिया था, जिसका मतलब लोगों ने मोदी की प्रशंसा से निकाला था। इस विवाद के कारण 24 जुलाई 2011 को उन्हें दारुल उलूम देवबंद के वाइस चांसलर पद से इस्तीफा देना पड़ा था।