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मुस्लिम से हिंदू बने लोगों ने की देव मूर्ति स्थापना की तैयारी

Mon, 29 Dec 2014 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, वाराणसी, जौनपुर, देवरिया, बलिया, बिजनौर
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आगरा में धर्मांतरण के बाद हिंदू बना डावली का परिवार अब वहां देव मूर्ति स्थापित करने की तैयारी में है। बड़ी सी प्रतिमा तलाशी जा रही है। इसे सोमवार सुबह विधि-विधान के साथ घर के सामने खुली जगह में स्थापित करने की योजना है। इसके लिए वही जगह चुनी गई है जहां उनके धर्मांतरण के दौरान हवन-पूजन किया गया था। तीन पीढ़ियों के सत्रह सदस्यों के इस संयुक्त मुस्लिम परिवार ने क्रिसमस की शाम हिंदू धर्म अपनाया था।
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थाना मलपुरा अंतर्गत डावली गांव के मजरा रठिया निवासी यह परिवार रहमत का है। उनके चार बेटों सहित पूरे परिवार का शुद्धिकरण पड़ोसी गांव के लव पंडित ने कराया था। इसके लिए हवन-पूजन उनके कच्चे घर के बाहर अस्थाई हवन कुंड बनाया गया था। यह परिवार वहीं तभी से नियमित पूजा-पाठकर रहा है। गठेली बने रहमत के बड़े बेटे आरिफ उर्फ रवि का कहना है कि वह किसी कीमत पर मुस्लिम धर्म में वापसी नहीं करेगा। हिंदू धर्म में अपनी आस्था को और मजबूत से प्रकट करने के लिए वह सोमवार सुबह विधि-विधान के साथ भगवान की मूर्ति स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। प्रतिमा किसकी होगी, यह उन्होंने नहीं बताया।

रविवार को भी पूरे परिवार ने सामूहिक रूप से अस्थाई हवन कुंड के पास पूजा-अर्चना की। वह अन्य ग्रामीणों से पूजा-पाठ की विधि के बारे में जानकारी भी ले रहे हैं। बता दें, रठिया में लगभग बीस परिवार रहते हैं। यह सभी ग्राम पंचायत की जमीन पर रह रहे हैं।
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आसपास के ग्रामीण पहुंचे
धर्म परिवर्तन की चर्चा आसपास के क्षेत्र में फैलने के बाद अब रठिया में रहमत के परिवार से मिलने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार को भी काफी लोग रठिया पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की। वहीं, रठिया में भी जगह-जगह एकत्रित होकर लोग धर्मांतरण पर चर्चा करते नजर आए।

पुलिस भी रख रही नजर
रठिया में धर्मांतरण के बाद पुलिस और प्रशासन की निगाहें भी इस जगह पर टिकी हुई हैं। थाना मलपुरा पुलिस और एलआईयू की टीम लगातार नजर रखे हुए है। पल-पल की जानकारी से अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। ताकि किसी विवाद के पनपने से पहले ही उससे निपटने की तैयारी की जा सके।

धर्मांतरण के खिलाफ मोदी की काशी में 'घर वापसी'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही धर्मांतरण के खिलाफ हों मगर उनकी ही पार्टी के बड़े नेता उनके संसदीय क्षेत्र में इस मुहिम को जिंदा रखे हुए हैं। संघ की शह पर भाजपा का एक वर्ग बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराने की जुगत में है। ऐसे नेताओं का अपना तर्क है। वे ‘घर वापसी’ को गलत नहीं मानते। संघ भले ही खुलकर इस मुहिम में अभी शामिल नहीं है मगर उसके कई प्रकल्प अपने-अपने तरीके से इस मिशन का हिस्सा हैं।

संघ की विचारधारा से जुड़े लोगों के संगठन ‘यूथ इन एक्शन’ के एक कार्यक्रम में जिस तेवर में भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने धर्मांतरण की वकालत की, उससे साफ हो गया है कि मोदी चाहे जितनी कोशिश करें मगर संघ इस मुद्दे से पीछे हटने वाला नहीं। स्वामी ने साफ कहा कि यूपी में धर्मांतरण को कोई रोक नहीं सकता, क्योंकि यहां धर्मांतरण को लेकर कोई कानून ही नहीं है। ऐसे में जो लोग स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपना रहे हैं, उनका स्वागत होना चाहिए। वे भटक गए थे और दूसरे धर्मों को आत्मसात कर लिया था। हालांकि स्वामी भी मानते हैं कि जबरन, डरा-धमकाकर या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना अनैतिक है।

बहरहाल, राष्ट्रीय सेवक संघ ने घर वापसी की मुहिम को आगे ले जाने का जिम्मा युवा टोली को सौंपा है। संघ के तमाम प्रकल्पों से जुड़े युवा अपने-अपने इलाके में हिंदू जागरण के बहाने धर्मांतरण के लिए बहुमत जुटाने की जुगत में लग गए हैं। अभियान चलाकर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में युवाओं की टीम को सक्रिय करने के साथ ही नई पीढ़ी को भारत की अस्मिता और उसके गौरवमयी इतिहास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि जो इतिहास अभी पढ़ाया जा रहा है, वह पूरा सच नहीं है।

‘हिंदुओं के धर्मांतरण पर कोई कुछ नहीं बोलता’

हिंदुओं का धर्मांतरण काफी समय से होता आ रहा है लेकिन इस पर कोई भी मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है। जब हम घर वापसी कराते हैं तो उसे धर्मांतरण कहकर संसद को चलने नहीं दिया जाता है, जबकि प्रतिदिन सैकड़ों हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों में नाममात्र के हिंदू बचे हैं, जहां वे अपना परंपरागत त्योहार भी नहीं मना पाते हैं। यह बातें गोरक्षपीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने बलिया के टाउन हाल मैदान में रविवार को आयोजित विराट हिंदू महासम्मेलन में कहीं। वे विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित स्वर्ण जयंती वर्ष कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

सांसद आदित्यनाथ ने कहा कि बलिया आने मात्र से उन्हें ऊर्जा मिलती है। बलिया के लोग पूरे विश्व में स्वाभिमान के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने शहीद मंगल पांडेय और स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय की वीरगाथा को याद करते हुए कहा कि भृगुनगरी के लोगों में शौर्य की कमी नहीं है। उन्होंने हिंदुस्तान में हिंदू संगठनों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि आतंकवाद को सबसे पहले महर्षि विश्वामित्र ने पहचाना था। ऋषि परंपरा के लोप होने के साथ विदेशी आक्रांताओं ने हिंदुस्तान पर कई बार आक्रमण बोला। देश के कई हिस्सों को अलग करने का काम भी किया गया। अब कश्मीर को बांटने की साजिश चल रही है लेकिन हम उसे होने नहीं देंगे।

उन्होंने गो संवर्धन और गोवध का मुद्दा भी उठाया। कहा कि हमारे देश में किसी के धार्मिक क्रियाकलाप पर रोक नहीं है। कहीं पांच फीसदी भी ईसाई तथा मुस्लिम हैं तो भी अपने धर्म के मुताबिक वे पूजा-पाठ करते हैं। कश्मीर, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश कभी हिंदू बाहुल्य क्षेत्र था लेकिन वहां के हिंदुओं को डरा-धमकाकर धर्म परिवर्तन करा दिया गया। हिंदुत्व पर जोर देते हुए कहा कि हिंदुस्तान की राष्ट्रीयता हिंदू होगी। धर्मांतरण पर रोक के लिए निश्चित ही कानून बनेगा। राजनेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में करीब 85 फीसदी हिंदू है। इसके बावजूद, राजनेता हिंदुत्व की बात करने से डरते हैं। गो हत्या बंद करने के नाम पर नेता चुप्पी साध लेते हैं।

युवक को धर्मांतरण के लिए उठाया

बिजनौर में नगीना क्षेत्र के टांडा माईदास में एक युवक को जबरन धर्मांतरण के लिए अपने साथ ले जाने का मामला सामने आया है। युवक के परिजनों ने इस संबंध में एसपी से शिकायत की।

नगीना देहात क्षेत्र के गांव टांडा माइदास निवासी रोशिक लाल वाल्मीकि अपनी मां राजेश्वरी, बाकरपुर निवासी बहनोई विकास के साथ रविवार की देर शाम एसपी आवास पर पहुंचा। रोशिक लाल का कहना है कि उसका बड़ा भाई 26 वर्षीय राहुल लाल 25 दिसंबर की सुबह से गांव से गायब है। राहुल के पास कोटकादर व रायपुर सादात निवासी संप्रदाय विशेष के लोग आते-जाते रहते थे और धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव बनाते थे। रोशिक के अनुसार उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे भी भुगतने की धमकी दी।

रोशिक ने कहा कि आरोपियों ने उसे व उसके परिवार को भी पैसे व मकान देने का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया। रोशिक ने आशंका जताई कि उसके भाई को धर्मपरिवर्तन कराने के कहीं ले जाया गया है। उसने भाई व परिजनों पर जान का खतरा भी जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कर भाई की बरामदगी की गुहार लगाई। एसपी सतेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में जांच कराकर कार्रवाई होगी।

विहिप के जिलामंत्री भी पहुंचे
रविवार दोपहर को बिजनौर में कोई अधिकारी नहीं मिल पाने पर रोशिक लाल अपने परिजनों के साथ आदमपुर में विहिप की बैठक में पहुंच गया। इसके बाद पीड़ित पक्ष को लेकर विहिप जिलामंत्री जितेंद्र चौधरी आदि एसपी आवास पहुंचे।

भाजपा भी कूदी विवाद में
भाजपा के जिला महामंत्री सुभाष वाल्मीकि ने कहा कि संप्रदाय विशेष के लोग जिले में जबरन धर्मांतरण करा रहे हैं। लेकिन भाजपा चुप नहीं बैठेगी। मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

धर्मांतरण की सूचना से हड़कंप, पांच हिरासत में

यूपी में देवरिया के सलेमपुर में रविवार को हिंदुओं के धर्मांतरण की सूचना हड़कंप मच गया। लालच देकर हिंदू परिवार को ईसाई बनाने की बात फैलने पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता पुलिस के साथ एक घर पर पहुंचे। वहां प्रार्थना चल रही थी। पुलिस को देख अधिकांश तो भाग गए लेकिन ईसाई दंपति समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया।

बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी जयवंत मसीह अपनी पत्नी सुमन मसीह के साथ खुखुंदू में रहकर एक प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाता है। उसने सलेमपुर के पिपरा नाजिर वार्ड निवासी कुंवर बहादुर सिंह का मकान किराए पर लिया है। प्रत्येक रविवार को जयवंत और उसकी पत्नी यहां आते हैं और ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करते हैं। इसमें नगर के अलावा कई गांवों की महिलाएं शामिल रहती हैं। कुछ लोगों से धर्मांतरण की जानकारी पर दिन में दो बजे यहां पहुंचे हियुवा कार्यकर्ताओं को देखकर मकान के अंदर ईसा मसीह की प्रार्थना कर रही महिलाओं में अफरातफरी मच गई। महिलाओं ने गले में पहना क्रॉस निकालकर झोले में रख लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ईसाई दंपति समेत मकान मालिक के बेटे सुधीर सिंह और दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया। अन्य महिलाएं वहां से भाग गईं। पुलिस ने महिलाओं के झोले और मकान के एक कमरे से ईसाई धर्म से संबंधित किताबें और माला बरामद किए हैं। उन लोगों ने बताया कि 21 वर्ष से हर रविवार को यहां प्रार्थना सभा होती रही है।

वहीं हियुवा के तहसील प्रभारी विनोद ठठेरा और विहिप नेता प्रमोद मिश्र ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इसमें गरीब हिंदू परिवार को लालच देकर धर्मांतरण कराने का जिक्र किया गया है। इस बाबत सीओ गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि धर्मांतरण कराने की शिकायत पर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उनके खिलाफ शांति भंग करने का केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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ईसाई मिशनरी की प्रार्थना सभा रोकी

जौनपुर के सरपतहा के पट्टी नरेंद्रपुर बाजार के पास पहरजापुर गांव की दलित बस्ती में रविवार को ईसाई मिशनरी की ओर से आयोजित प्रार्थना सभा को पुलिस ने रुकवा दिया। आरोप है कि इस बहाने यहां कुछ दलित परिवारों का धर्मांतरण किया जाने वाला था।

दलित बस्ती में रोहित कुमार के घर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। दोपहर 12 बजे आयोजन शुरू होने पर बस्ती के कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन इसका असर नहीं हुआ। इसकी जानकारी पाते ही आरएसएस के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। बस्ती के अन्य लोग भी जुट गए। लोगों ने विरोध किया, फिर भी प्रार्थना सभा नहीं रुकी। इसे लेकर दोनों पक्षों में बहस भी हुई। बात नहीं बनी तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्यक्रम रुकवा दिया।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में आसपास के कई अन्य गांव के लोगों को भी बुलाया गया था। अमावा खुर्द और पिलकिछा गांव से भी लोग आए थे। थानाध्यक्ष रमेश यादव का कहना है कि ईसाई मिशनरी की ओर से प्रार्थना सभा किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस को भेजकर कार्यक्रम रोक दिया गया। वहां धर्म परिवर्तन कराने जैसी कोई बात सामने नहीं आई।
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