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कारगिल पर गर्व नहीं शर्म करो मुशर्रफ

Thu, 28 Mar 2013 10:46 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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कारगिल युद्ध पर गर्व जताने संबंधी पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की टिप्पणी विभिन्न राजनीतिक दलों को बेहद नागवार गुजरी है।
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देश के सभी प्रमुख दलों ने एक सुर में इस टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि कारगिल में घुसपैठ के माध्यम से दो देशों पर युद्ध थोपने के लिए मुशर्रफ को गर्व व्यक्त करने की बजाए शर्म महसूस करनी चाहिए।

कांग्रेस, भाजपा समेत विभिन्न दलों ने इस टिप्पणी से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताते हुए मुशर्रफ से खेद व्यक्त करने की भी मांग की।
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कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने मुशर्रफ की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि हम समझते थे कि दोनों देशों के बीच युद्ध करा कर वह शर्मिंदा होंगे, लेकिन इस टिप्पणी से इस आरोप को बल मिलता है कि पाकिस्तान की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।

अल्वी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी से दोनों देशों के रिश्ते तल्ख होंगे। भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने भी इस टिप्पणी की निंदा की।

उन्होंने कहा कि मुशर्रफ को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके प्रयासों से भारत पर थोपे गए युद्ध का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया था। क्या उन्हें पाकिस्तान को मिली करारी हार पर भी गर्व है?

रूडी ने कहा कि हालांकि यह मुशर्रफ का चुनावी स्टंट है, लेकिन इससे यह भी साफ हो गया है कि अगर वह सत्ता में आए तो तालिबान समर्थकों को पूरी मदद देंगे।

भाकपा सचिव डी राजा ने भी इस टिप्पणी को चुनावी स्टंट बताते हुए मुशर्रफ को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दो देशों को युद्ध के दलदल में घसीटने पर कोई भी गर्व नहीं कर सकता।

पता नहीं मुशर्रफ किस बात पर गर्व कर रहे हैं। उन्हें अपने किए पर शर्म आनी चाहिए और इस टिप्पणी के लिए तत्काल खेद जताना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भड़काऊ टिप्पणी से मुशर्रफ अपनी खोई जमीन पाना चाहते हैं, इसलिए उनकी टिप्पणी को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है।
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सपा नेता कमला फारुकी ने इस टिप्पणी से दोनों देशों के रिश्तों पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ भारत और पाकिस्तान के रिश्ते को खराब करने के लिए पहले भी बेतुकी और भड़काऊ टिप्पणियां कर चुके हैं। सभी को पता है कि यह टिप्पणी राजनीतिक लाभ लेने के लिए है, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच बेवजह तनाव की स्थिति पैदा होगी।
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