बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी महागठबंधन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इस दौड़ में सीपीएम और कांग्रेस सबसे आगे हैं। इन दोनों दलों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस और बीते लोकसभा चुनावों के बाद तेजी से उभरी भाजपा के खिलाफ हाथ मिलाने को लेकर विचार करना शुरू कर दिया है।
बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समेत कांग्रेस व सीपीएम के बीच कड़ी टक्कर होगी। बिहार के मुकाबले पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थिति कुछ अलग है। बिहार में जहां भाजपा और महागठबंधन के बीच जंग थी। वहीं, बंगाल में ये जंग चार ताकतों के बीच है।
इनमें सबसे मजबूत स्थिति सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की है। उसके बाद भाजपा, कांग्रेस और सीपीएम में नंबर दो बनने की लड़ाई है। बीते लोकसभा चुनावों के बाद तेजी से उभरती भाजपा ने कांग्रेस व सीपीएम के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। इसलिए इस खतरे को भांप कर ही इन दोनों दलों ने महागबंधन की दिशा में पहल की है।