बॉलीवुड एक्टर प्रभु देवा समेत दस लोगों के खिलाफ जिला जज की अदालत ने सम्मन जारी किया है। मामला कॉपी राइट एक्ट के तहत एक कहानीकार द्वारा दर्ज कराए गए परिवाद से जुड़ा है।
निचली अदालत से परिवाद खारिज होने के बाद कहानीकार ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया था। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी बनाए गए सभी पक्षों को सम्मन जारी करके अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
महानगर में हिमगिरी कालोनी निवासी बीरबल सिंह राणा ने अदालत में दाखिल याचिका में कहा है कि वह फिल्म क्राफ्ट फेडरेशन एंड राइटर एसोसिएशन मुंबई में पंजीकृत लेखक/ कहानीकार हैं। उन्होंने वर्ष 2004 में ‘राजा भाई आईपीएस’ शीर्षक से एक कहानी लिखी थी। जिसके कॉपी राइट उनके पास हैं।
कहानी चुराकर वांटेड समेत चार फिल्म बनाने का आरोप
याचिका में बीरबल सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फिल्म निर्माता बोनी कपूर और पुरी जगन्नाथ आदि को फिल्म निर्माण के लिए अपनी कहानी भेजी थी लेकिन सभी ने उनकी कहानी पर फिल्म बनाने से इंकार कर दिया। लेकिन बाद में उनकी कहानी को चुराकर वर्ष 2009 में ‘वांटेड’ फिल्म बनाई और उन्हीं की कहानी पर तीन अन्य फिल्म पोकरी तेलगू, पोकरी तमिल व पोकरी कन्नड़ का भी निर्माण किया।
याचिका में डीजीसी क्रिमिनल मुरादाबाद, पुरी जगन्नाथ हैदराबाद, इंदिरा प्रजेंट एंड वेष्णो एकेडमी, मंजुला घट्टामानेनी, एस सत्यार्थमूर्ति प्रजेंट एंड काना कर्थना मूवीज, एस रमेश बाबू, गणेश कसारा गोडू एंड दत्ता फिल्मस, एमडी श्रीधर, भानू श्री दत्ता एंड एलदत्ता रे बच्चे गावड़ा और प्रभु देवा पुत्र मुगुर सुन्दरम निवासी चैन्नई को आरोपी बनाया गया है।
प्रभु देवा के अधिवक्ता पीके गोस्वामी ने बताया कि उनके क्लाइंट को जिला जज की अदालत की ओर से सम्मन मिला है। शुक्रवार को वह प्रभु देवा की ओर से अदालत में उनका पक्ष रखेंगे।