हाल ही में मुंबई के शक्ति मिल परिसर में महिला फोटो पत्रकार से हुए गैंगरेप के जिस चौथे आरोपी को मुंबई पुलिस और जेल प्रशासन ने लापता घोषित कर दिया था, वह असल में जेल के भीतर ही है।
इस लापरवाही के चलते आरोपी को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका और मुंबई पुलिस और जेल प्रशासन को काफी शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ा।
मुंबई गैंगरेप के सभी आरोपियों को नियमित प्रक्रिया के तहत सेशन कोर्ट के समक्ष पेश किया जाना था।
लेकिन प्रमुख जज शालिनी फंसालकर जोशी की अदालत में सिर्फ विजय जाधव, कसीम बंगाली और सलीम अंसारी को ही पेश किया गया।
जब जज ने चौथे आरोपी सिराज रहमान खान को पेश नहीं किए जाने के संबंध में पूछा, तो सरकारी वकील उज्जवल निकम ने जानकारी दी कि ठाणे जेल में बंद चौथा आरोपी ‘लापता’ है।
जज ने दो दिन पहले ही खान के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी कर ठाणे जेल के अधिकारियों को उसे पेश करने के निर्देश दिए थे।
मगर निकम ने बताया कि ठाणे जेल के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि सिराज रहमान खान उनकी जेल में नहीं है जबकि मुंबई क्राइम ब्रांच का कहना है कि वह ठाणे जेल में ही है।
जज ने ठाणे जेल के अधीक्षक को समन भेज उन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश होकर सफाई देने को कहा है।
हालांकि अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) मीरा बोरवानकर ने खान के लापता होने की खबरों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा, ‘वह ठाणे जेल में ही है। मेरी जेल के प्रमुख से बात भी हुई है। मुझे नहीं पता कि आखिर यह शंका क्यों पैदा हुई।’
ठाणे जेल के अधीक्षक यूटी पवार ने भी खान के फरार नहीं होने की बात पर जोर देते हुए कहा, ‘मैं प्रशासनिक कारणों का पता लगा रहा हूं, जिस वजह से उसे कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका।’