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'दया याचिका के निपटारे तक हमें जेल ना भेजें'

Tue, 16 Apr 2013 01:47 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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मुंबई बम ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट से सजा पाए तीन दोषियों ने जस्टिस मार्कंडेय काटजू की ओर से राष्ट्रपति से उनके लिए की गई क्षमा याचना के निपटारे तक जेल न भेजे जाने की मांग की है।
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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जैबुनिशा अनवर काजी सहित तीन दोषियों ने याचिका दायर की है। अदालत ने काजी को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि इश्हाक मोहम्मद और शरीफ अब्दुल गफ्फार के लिए उम्रकैद मुकर्रर की गई है।

सर्वोच्च अदालत ने 21 मार्च को आतंक फैलाने वालों को कड़ा सबक देते हुए याकूब मेमन को फांसी, तैंतीस दोषियों को उम्रकैद और बाकी की सजा को बरकरार रखा था। तीनों दोषियों की ओर से याचिका पर चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर सकती है।
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जस्टिस काटजू ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अभिनेता संजय दत्त, जैबुनिशा व अन्य दो की सजा को माफ करने की गुजारिश की है। जैबुनिशा ने याचिका में कहा है कि अदालत ने उन्हें पांच साल की सजा दी है। इस सजा को माफ किए जाने पर राष्ट्रपति की ओर से फैसला आना बाकी है। ऐसे में राष्ट्रपति की ओर से फैसला आने तक जेल न भेजा जाए।

बीस साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट की घटनाओं में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। सीबीआई के अनुसार जनवरी और फरवरी में रायगढ़ जिले के दिघी और शेखाड़ी तट पर पाकिस्तान से नावों में भरकर आरडीएक्स लाया गया था। इसके अलावा इसमें हथियार भी थे, जो टाइगर मेमन के आदमियों को मिले थे।
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