दिल्ली गैंगरेप मामले में अभियुक्त अक्षय ने अदालत से अपनी मां की बीमारी के आधार पर 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी है। वहीं अभियुक्त मुकेश ने पेश गवाह पुलिसकर्मी के खिलाफ गलत बयान देने पर मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया है। अदालत ने दोनों मामलों पर पुलिस से मंगलवार को जवाब तलब किया है।
साकेत स्थित फास्ट ट्रैक के न्यायाधीश योगेश खन्ना के समक्ष पेश अक्षय के अधिवक्ता ए.पी. सिंह ने आवेदन दायर कर बताया कि उनके मुवक्किल की मां की तबीयत खराब है।
इसके कारण उन्हें औरंगाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत काफी गंभीर है और ऐसे में अक्षय का उनके पास रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा अदालत उस पर जो भी शर्त लगाएगी वह उसका पूरी तरह से पालन करेगा और किसी भी हालत में फरार नहीं होगा। अत: उनके मुवक्किल को 15 दिन की अंतरिम जमानत दी जाए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि वे बिना पुलिस का पक्ष सुने कोई भी फैसला नहीं करेंगे।
इसी बीच अभियुक्त मुकेश के अधिवक्ता एम.एल. शर्मा ने बतौर गवाह पेश हैड कांस्टेबल से जिरह की। इसके बाद उन्होंने आवेदन दाखिल कर गवाह के खिलाफ शपथ लेकर अदालत में झूठी गवाही देने का मामला दर्ज करने का आग्रह किया।
गवाह से जिरह के दौरान उन्होंने दावा किया कि 16 दिसंबर की रात उक्त बस में गैंगरेप हुआ ही नहीं था। पुलिस ने बस में योजनाबद्ध तरीके से साक्ष्य तैयार किए।
उन्होंने कहा उनके मुवक्किलों को फर्जी मामले में फंसाया गया है और पुलिस ने जबरन फर्जी बयान दर्ज करने के लिए उनसे सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। अदालत ने इस आवेदन पर भी पुलिस को मंगलवार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।