फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुलायम के सैफई में नहीं बनेगा हवाई अड्डा?

Fri, 21 Feb 2014 12:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव के पैतृक स्थान सैफई में हवाई अड्डा नहीं बन पाएगा?
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश में सात हवाई अड्डों के विकास के लिए सोमवार को राज्य सरकार और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच सहमति पत्र (एमओयू) पर दस्तखत हो सकते हैं। प्रदेश के जिन शहरों में हवाई अड्डे प्रस्तावित हैं, उनमें मेरठ, मुरादाबाद, फैजाबाद, आगरा, कानपुर, इलाहाबाद और बरेली शामिल हैं। हालांकि, सैफई हवाई अड्डे का मामला फिलहाल अटक गया है।

सैफई का नाम एमओयू के ड्रॉफ्ट में शामिल नहीं है। विमानन मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच समझौता नई दिल्ली में होगा। यूपी की तरफ से इस मौके पर प्रमुख सचिव (विमानन) अनिता सिंह, सचिव एसके रघुवंशी और केंद्र सरकार की तरफ से नागर विमानन मंत्री अजित सिंह, ज्वाइंट सेक्रेट्री आलोक सिन्हा मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन


नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने यूपी सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच सोमवार को एमओयू होने की पुष्टि की है। विमानन मंत्रालय के मुताबिक एमओयू के ड्राफ्ट में सैफई का नाम शामिल नहीं है। जिसके चलते वहां हवाई अड्डा के विकास का मामला फिलहाल अटक गया है। जिन सात शहरों में हवाई अड्डे विकसित किए जाने हैं, उनके लिए जमीन राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। जबकि, निर्माण और आधुनिकीकरण पर होने वाला खर्च एयरपोर्ट अथॉरिटी उठाएगी।
विज्ञापन


एमओयू ड्राफ्ट के मुताबिक यूपी सरकार के विमानों से अथॉरिटी एयरपोर्ट शुल्क नहीं वसूलेगी। एमओयू के बाद भी हवाई अड्डे बनने में कम से कम दो साल का समय लगेगा। उत्तर प्रदेश में हवाई अड्डों के विकास का मामला केंद्र व राज्य सरकार में खींचतान और ब्यूरोक्रेसी के चलते लंबे समय से फंसा है। माना जा रहा है कि सोमवार को एमओयू पर दस्तखत होने के बाद हवाई अड्डों का निर्माण जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें