सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ग्रामीण महिलाओं पर बयान देकर नया विवाद पैदा कर दिया है। बाराबंकी में एक रैली के दौरान मुलायम ने कहा था कि वे मौजूदा महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते तो गांवों और गरीब महिलाओं को उनका हक कभी न मिलता, क्योंकि गांवों व गरीब घरों की महिलाएं, बड़े घरों या शहरी इलाकों में रहने वालों की तरह आकर्षक नहीं होती हैं। इससे पूरा फायदा शहरी महिलाएं ही उठा ले जातीं।
हालांकि समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह के बयान का बचाव करते हुए सफाई दी है यादव के बयान का गलत मतलब निकाला गया है। सपा के प्रांतीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा सुप्रीमो ऐसी बातें नहीं करते हैं। उनके कहने का मतलब शारीरिक आकर्षण नहीं था।
मुलायम ने कहा था कि सपा, कांग्रेस सरकार के इस विधेयक का तब तक समर्थन नहीं कर सकती है जब तक इसका स्वरूप बदला नहीं जाएगा। सपा गांवों व गरीबों के यहां रहने वाली महिलाओं या लड़कियों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। मुलायम सिंह यादव ने साफ किया कि केंद्र को महिला आरक्षण विधेयक पर अगर सपा का समर्थन चाहिए तो इसका प्रारूप बदलना होगा।
विधेयक में पिछड़ी, दलित व अल्पसंख्यक महिलाओं का आरक्षण प्रतिशत तय करना होगा। अगर केंद्र ऐसा नहीं करेगा तो सपा विधेयक का किसी भी स्थिति में समर्थन नहीं करेगी। वर्तमान व्यवस्था में बड़े-बड़े घर की महिलाएं और लड़कियां ही केवल ऊपर जा सकती हैं। अगर विधेयक वर्तमान स्वरूप में पारित हो जाता तो सारा फायदा यहीं उठा ले जातीं।
यादव ने कहा ‘....याद रखना...आपको मौका नहीं मिलेगा। हमारे गांव की महिलाओं में बड़े घरों व शहरों में रहने वाली महिलाओं जैसा आकर्षण नहीं है। अगर विधेयक मौजूदा स्वरूप में पारित हो जाता तो बड़े घरों की महिलाएं और लड़कियां आगे निकल जातीं। गांवों व गरीब महिलाओं को कुछ हासिल न होता।’ इसीलिए सपा ने मौजूदा प्रारूप में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने का विरोध किया है।