विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) नियमों में छूट देकर दूरस्थ शिक्षा के जरिए एमफिल और पीएचडी की अनुमति दे सकता है। यूजीसी के इस निर्णय से 10 हजार छात्रों का फायदा मिलने की संभावना है।
यूजीसी के चेयरमैन वेदप्रकाश ने कहा कि आयोग इस मामले पर विचार कर रहा है और यह मामला आयोग की होने वाली अगली बैठक में रखा जाएगा।
नियमों पर में छूट पर विचार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के शिक्षकों के एक वर्ग के उस पृष्ठभूमि के कारण आ रहा है जिसमें आयोग ने चार साल के बाद दूरस्थ शिक्षा के जरिए एमफिल और पीएचडी पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने का आश्वासन दिया था।
आयोग ने वर्ष 2009 में दूरस्थ शिक्षा के जरिए एमफिल व पीएचडी की पढ़ाई में गुणवत्ता का अभाव होने के कारण रोक लगा दी थी। इस प्रतिबंध से देशभर में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कर रहे 10 हजार छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया था।