हंगामा बरपा कर सांसद विकास निधि की रकम दो करोड़ से पांच करोड़ करवाने वाले माननीय इसे खर्च करने के प्रति उतने ही उदासीन हैं।
हालत यह है कि 15वीं लोकसभा के अवसान में पांच महीने से कम का समय रहने के बावजूद देश के माननीय 2650 करोड़ रुपये विकास के मद में खर्च होने का इंतजार कर रही है। इनमें से 30 फीसदी रकम उत्तर भारत के आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वय मंत्रालय के दो दिसंबर के आंकड़े बताते हैं कि विकास की रकम खर्च करने में पिछड़े और बीमारू राज्यों के सांसद ही ज्यादा उदासीनता बरत रहे हैं। मसलन सबसे कम खर्च करने वाले पहले तीन स्थानों पर उत्तरप्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल है।
अकेले इन तीन राज्यों में ही लगभग 1000 करोड़ की रकम खर्च होने का इंतजार कर रही है। अकेले उत्तर प्रदेश के सांसद 431 करोड़ रुपये को खर्च करने के बदले उस पर कुंडली मारे बैठे हैं।
उत्तर भारत के आठ राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब के सांसद 775 करोड़ की रकम पर कुंडली मारे बैठे हैं। खर्च न करने के मामले में जानीमानी हस्तियों ने कुछ ज्यादा ही कंजूसी दिखाई है।
इनमें सोनिया गांधी (4.90 करोड़), राहुल गांधी (5.72 करोड़), मेनका गांधी (4.90 करोड़), सलमान खुर्शीद (5.50 करोड़), राज बब्बर (6.76 करोड़), बेनीप्रसाद वर्मा (6.22 करोड़), राजकुमारी रत्ना सिंह (7.46 करोड़), डिंपल यादव (5.71 करोड़), लाल जी टंडन (6.70 करोड़), प्रवीण सिंह एरोन (6.78 करोड़) आगे हैं।
मुलायम सिंह यादव और राजनाथ सिंह ने भी चार करोड़ से ज्यादा की रकम अब तक खर्च नहीं की है। इसके अलावा धर्मेंद्र यादव, जितिन प्रसाद, योगी आदित्यनाथ, राव इंद्रजीत सिंह, कुमारी सैलजा, मनीष तिवारी, पवन बंसल, सतपाल महाराज और हरीश रावत जैसी बड़ी राजनीतिक हस्तियां सांसद निधि खर्च करने वालों में शामिल हैं।
अन्य राज्यों का बुरा हाल
हरियाणा में 46 करोड़, हिमाचल प्रदेश में 23 करोड़, जम्मू-कश्मीर में 30 करोड़, चंडीगढ़ में लगभग छह करोड़, उत्तराखंड में 31 करोड़, दिल्ली में 42 करोड़ और पंजाब में 166 करोड़ रुपये खर्च होने का इंतजार कर रहे हैं। हरियाणा में राव इंद्रजीत सिंह, कुमारी सैलजा और श्रुति चौधरी कम खर्च करने के मामले में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
सतपाल महाराज ने खर्च नहीं किए 7.34 करोड़
दिल्ली में रमेश कुमार के पास 7.24 करोड़ की रकम खर्च होने का इंतजार कर रही है। हिमाचल में अनुराग सिंह और वीरेंद्र कश्यप रकम जारी होने के बावजूद 5-5 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाए हैं। उत्तराखंड में सतपाल महाराज ने 7.34 करोड़, हरीश रावत ने 5.11 करोड़ और प्रदीप टमटा ने 4.98 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए हैं। जम्मू कश्मीर में चौधरी लाल सिंह ने 7.33 करोड़, हसन खान ने 6.34 करोड़ अब तक खर्च नहीं की है।
25 सांसदों ने किया निधि का पूरा इस्तेमाल
सांसद निधि खर्च करने के मामले में केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल 99.20 फीसदी रकम खर्च कर पहले और राजाराम पाल 98 फीसदी रकम खर्च कर दूसरे स्थान पर हैं। लोकसभा में 545 सदस्यों में से 25 सांसदों ने इस निधि की सौ फीसदी रकम खर्च की है। इनमें सर्वाधिक आठ सांसद महाराष्ट्र के हैं।