मौत से जूझते हुए हजारों यात्रियों की जान बचाने वाले चेन्नई की उप नगरीय रेल सेवा के ड्राइवर एस मनोहर को रेलवे बोर्ड सम्मानित करेगा।
ड्राइवर मनोहर ने बहादुरी की अनूठी मिसाल पेश करते हुए जान की बाजी लगाकर हजारों यात्रियों की जान बचाई जिस कारण एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
ट्रेन ड्राइवर मनोहर 23 मई को जब अपने स्टेशन गुम्मीडपूंडी से ट्रेन लेकर चले ही थे कि उन्हें हार्ट अटैक आने लगा। इससे पहले कि मनोहर बेहाश होते उन्होंने ट्रेन को सफलता पूर्वक रोक दिया। यही नहीं मनोहर फ्लैशिंग लाइट जलाकर उसी ट्रैक पर सामने से आ रही ट्रेन को आगाह करने का भी काम कर दिया।
हालांकि मनोहर हार्ट अटैक से बच नहीं पाए और उसी दिन देर शाम उनकी मौत हो गई।
मनोहर की इस बहादुरी के बाद उसके साथी उसे हीरो मान रहे हैं। इसके लिए उनके साथियों और रेलवे के अन्य अधिकारियों ने कॉलोनी में एक बोर्ड भी लगाया है। इस बोर्ड पर मनोहर को एक हीरो बताते हुए सबने शुभकामना संदेश लिखा है।
दक्षिण रेलवे मनोहर की इस सूझबूझ के लिए सम्मानित करने का फैसला किया है। इसके अलावा दक्षिण रेलवे उस ड्राइवर (वी बालचंद्रन) को भी सम्मानित करेगा जिसने मनोहर के फ्लैशिंग लाइट संदेश को समझते हुए अपनी ट्रेन रोक दी।