एक तरफ भारतीय क्रिकेट टीम चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है और दूसरी ओर टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के दूसरे 'खेल' से हटने वाले पर्दे हैरत में डाल रहे हैं।
धोनी और उनके परिवार के कारोबारी ताल्लुकात की कहानी भी उनके करियर की तरह दिलचस्प है। खास ब्रांड बनकर उभरे धोनी लंबे वक्त से एक इमेज मैनेजमेंट कंपनी से दूसरी की ओर भागते रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कंपनियां ऐसी रहीं, जिसमें उनकी या परिवार के कारोबारी हित जुड़े हुए थे।
बदलती धोनी की इमेज मैनेजमेंट कंपनियां
टीओआई के मुताबिक ऐसी एक कंपनी माइंडस्कैप मैस्ट्रो थी, जिसे धोनी की नुमाइंदगी का अधिकार मिला। इससे ठीक पहले उन्होंने जीत बनर्जी की गेमप्लान से रिश्ते खत्म किए थे। दिलचस्प है कि मैस्ट्रो में एमएसडी के भाई नरेंद्र धोनी की 25 फीसदी हिस्सेदारी थी।
इसके बाद उन्होंने प्रणय धेलिया से हाथ मिलाया, जिन्होंने पर्पल पीपल की नींव रखी। क्रिकेट पिच पर मैच की स्थिति के हिसाब से अपना बैटिंग स्टाइल बदलने वाले धोनी बिजनेस में भी पार्टनर बदलते रहे हैं।
बिजनेस पिच पर पांडे और धोनी की पार्टनरशिप
इस बीच रवींद्र जडेजा, सुरेश रैना, प्रज्ञान ओझा और महेंद्र सिंह धोनी का कामकाज देखने वाली ऋति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में भी उनकी हिस्सेदारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
कंपनी के के प्रमोटर अरुण पांडे का कहना है कि धोनी अब कंपनी में शेयरहोल्डर नहीं है, इसलिए हितों के टकराव का कोई मामला नहीं बनता। हालांकि, इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। कई दूसरी कंपनियों में भी पांडे और धोनी की साझा हिस्सेदारी है।
10 अगस्त, 2007 को बनी ऋति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के कुल शेयर 2,00,000 हैं जिनमें से अरुण पांडे के पास 1,67,499, धोनी के 30,000, प्रतिमा पांडे के 1,250, सुभावती पांडे के 1,251 शेयर रहे।
इसी तरह 3 अप्रैल, 2012 को कामकाज शुरू करने वाली ऋति एमएसडी अलामोड प्राइवेट लिमिटेड की कहानी है। कंपनी के कुल शेयर 10,000 हैं, जिनमें से धोनी के 6,400, साक्षी 100, पांडे 3,000, ऋति स्पोर्ट्स 500 शेयर की हकदार हैं।
एक अन्य कंपनी स्पोर्ट्सफिट वर्ल्ड ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के कुल शेयर 10,000 में से ऋति एसएसडी अलामोड के पास 7,300, अरुण पांडे के पास 100, साजिश शमीम के 2600 शेयर हैं।
ऋति एमएसडी एन मोटर स्पोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में अरुण पांडे और उनकी मां सुभावती डायरेक्टर हैं। 31 जुलाई 2012 को ऋति एमएसडी अलामोड बोर्ड ने इस कंपनी में निवेश के रूप में 2.25 करोड़ रुपए की मंजूरी दी।
साक्षी धोनी की बल्लेबाजी
बिजनेस की इस पिच पर गड़बड़झाले की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। धोनी की पत्नी साक्षी उनके लगातार बढ़ते कारोबार संभाल रही हैं।
दिलचस्प है कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट पर ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें साक्षी बतौर डायरेक्टर शामिल हैं। वह रियल एस्टेट कपंनी आम्रपाली के साथ बने एक संयुक्त उपक्रम (जेवी) में 25 फीसदी हिस्सेदारी रखती हैं, जिसके ब्रांड एम्बेसेडर खुद धोनी हैं।