योजना आयोग के खात्मे की घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने अगला निशाना क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ पर साधा है। सरकार पूरे देश में आरटीओ में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के उद्देश्य से इसके स्थान पर नए किस्म का सिस्टम विकसित कर रही है। ये सिस्टम अगले कुछ महीनों में काम करने लगेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पुणे में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि आरटीओ को खत्म कर एक नया सिस्टम विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इससे जुड़ा मोटर वाहन संशोधन विधेयक संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा और उसके कानून बनने के बाद आरटीओ में व्याप्त भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
छह विकसित देशों के तर्ज पर होगा कानून
गडकरी ने कहा कि आरटीओ में पैसों का खेल चल रहा है। कई कानूनों का बदलने के जरूरत है, आरटीओ उन्हीं में से एक है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के छह विकसित देशों अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन में लागू मोटर वाहन नियमों को ध्यान में रखते हुए मोटर वाहन संशोधन विधेयक तैयार किया जाएगा।
गडकरी ने कहा कि नया कानून ड्राइविंग लाइसेंस के रिकार्ड को उचित तरीके से रखने के साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी तंत्र उपलब्ध कराएगा। उन आकड़ों का उपयोग ई गवर्नेस में भी किया जाएगा।
केस हार गए तो लगेगा तीन गुना जुर्माना
गडकरी ने कहा कि ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए भी एक सिस्टम बनाया जाएगा। उस सिस्टम के आने के बाद यदि आप ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो जुर्माने की नोटिस आपके घर भेज दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि नोटिस के खिलाफ कोर्ट में गए और केस हार गए तो आप पर तीन गुना जुर्माना किया जाएगा।
गडकरी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वादा किया है कि ट्रासंपोर्ट और शिपिंग विभाग जीडीपी में अगले दो सालों में 2 फीसदी तक योगदान देगा।