देश के अन्य बड़े शहरों के मुकाबले दिल्ली में महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षित हैं। पिछले साल चार महानगरों में जितने रेप के मामले दर्ज किए गए हैं, उससे कहीं ज्यादा मामले अकेले दिल्ली में सामने आए।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2012 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल दिल्ली में रेप के 706 मामले दर्ज किए गए जबकि मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बंगलूरू में कुल 484 मामले सामने आए।
बुधवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के प्रमुख 88 शहरों की महिलाओं ने खुद को असुरक्षित बताया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के 5,959 मामले दर्ज किए गए। 88 शहरों के मुकाबले दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 14.88 फीसदी अधिक अपराध हुए। दिल्ली का हाल इतना बुरा है कि अन्य किसी शहर का आंकड़ा उसके आस-पास नहीं ठहरता।
दिल्ली के बाद शहरी क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में दूसरा स्थान बंगलूरू का है। वहां पर 6.18 फीसदी अपराध बढा़ है। वहीं कोलकाता में 5.66 और मुंबई में 4.86 फीसदी बढ़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल देश में हुए सभी तरह के अपराधों में पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है। कुल दर्ज मामलों में बंगाल का 12.6 फीसदी और दिल्ली का 2.83 फीसदी है।
2012 में दिल्ली में महिलाओं और लड़कियों के अपहरण के 2160 मामले दर्ज किए गए। दहेज के लिए हत्या के 134 और उत्पीड़न के 1985 केस दर्ज हुए।