प्रख्यात मलयालम लेखिका सारा जोसेफ और उर्दू उपन्यासकार रहमान अब्बास के अपने साहित्य अकादमी पुरस्कारों को लौटाने की घोषणा के बाद सरकार का भी पक्ष सामने आया है। सरकार का कहना है कि जिन लेखकों ने अपने पुरस्कार लौटाने का ऐलान किया है वह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने साहित्यकारों के विरोध और उनके अकादमी पुरस्कारों को वापस करने के मामले को उनका निजी फैसला बताया। उन्होंने कहा, 'साहित्य अकादमी प्रतिष्ठित और स्वायत्त संगठन है जो साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित करता है। यह सरकार के निर्देशों पर नहीं दिया जाता, इसलिए यदि कोई इनको वापस करने का फैसला लेता है तो यह पूरी तरह से उसकी निजी पसंद है।'