देश में चावल, मक्का, कपास समेत खरीफ की फसलों के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार करने वालों किसानों के लिए राहत की खबर है।
इस साल थोड़ी देर से ही सही मगर मानसून की पहली फुहारें तीन जून को केरल पर पड़ेंगी। सामान्य तौर पर मानसून एक जून को यहां आता है, मगर बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवातीय गतिविधियों की वजह से इसमें थोड़ी देरी होगी।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) में मानसून की भविष्यवाणी करने वाले प्रमुख डी शिवानंद पाई के मुताबिक, ‘दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल तक 3 जून को पहुंचने की संभावना है।’
पाई ने कहा कि मानसून की इस देरी की वजह बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान महासेन है। जिसने मानसून की रफ्तार को थोड़ा कमजोर कर दिया।
इसे फिर से मजबूत बनने में थोड़ा समय लगेगा। हालांकि महासेन की वजह से मानसून के अंडमान पर शुक्रवार तक पहुंचने की संभावना है। सामान्य रूप से अंडमान और निकोबार में मानसूनी बारिश 10 मई से 20 मई के बीच होती है।