आगामी 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा संसद का मानसून सत्र केवल तीन सप्ताह का होगा। आमतौर पर यह सत्र चार सप्ताह का होता रहा है।
पहले यह सत्र 20 जुलाई से बुलाने का प्रस्ताव था लेकिन ईद का त्योहार 18 या 19 जुलाई को पड़ने को देखते हुए इसे 21 जुलाई से शुरू करने का फैसला किया गया।
संसद के मानसून सत्र के काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि सरकार को ललित मोदी मामले के साथ ही भूमि अधिग्रहण अध्यादेश से जुड़े विषयों पर आलोचना झेलनी पड़ रही है। समझा जाता है कि संसदीय मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीपीए) ने मानसून सत्र की तिथियों के बारे में अपनी सिफारिश दे दी है।