सरकार और विपक्ष के अपने पुराने रुख पर अडिग रहने के कारण सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते में भी गतिरोध दूर होने के आसार नहीं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा को निशाना बनाए जाने पर पलटवार के लिए जशोदा बेन की आरटीआई को मुद्दा बनाने के मामले में कांग्रेस सोमवार को कार्यवाही शुरू होने से पूर्व अंतिम निर्णय लेगी।
दूसरी ओर भाजपा विपक्ष में फूट डालने के लिए सोमवार को ही प्रमोशन में आरक्षण बिल का भूत खड़ा करने के मामले में अंतिम निर्णय लेगी।
प्रेम प्रसंग और नपुंसकता को किसानों की आत्महत्या के प्रमुख कारणों में से एक बताने के कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के बयान को भी को बताए जाने को जनता परिवार तूल देने के पक्ष में है।
जदयू के केसी त्यागी ने इस मामले में सिंह के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि माली हालत के कारण आत्महत्या करने रहे किसानों का कृषि मंत्री ने अपमान किया है।
हालांकि जनता परिवार के कुछ घटक ललित गेट और व्यापम घोटाला विवाद से आगे बढ़ते हुए किसानों को मिले कम मुआवजे का सवाल खड़ा करना चाहते हैं।
कांग्रेस के रणदीप सिंह सुजरेवाला ने कहा है कि गतिरोध दूर करने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है। पीएम मोदी का विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफा लेने की घोषणा करते ही सत्र की सारी बाधा दूर हो जाएगी।