प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नरेंद्र मोदी का नाम लेकर वरिष्ठ वकील व राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी ने फिर से भाजपा की मुसीबत बढ़ा दी है। जेठमलानी का दावा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी अगले लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में हैं।
यह लगातार दूसरा मौका है जब जेठमलानी ने पीएम पद के प्रत्याशी मामले के जिन्न को बाहर निकाला है। इससे पहले वे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को मोदी के पक्ष में पत्र लिख चुके हैं। उनका दावा है कि भागवत ने कहा था कि पीएम के तौर पर मोदी सर्वोत्तम उम्मीदवार साबित होंगे। हालांकि संघ ने इस दावे पर कहा है कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय करना भाजपा का विशेषाधिकार है।
संघ प्रवक्ता राम माधव ने कहा कि इस तरह की मुलाकातें तो होती हैं लेकिन जेठमलानी के दावे से संघ प्रमुख सहमत थे कि नहीं, यह तो वही बता सकते हैं। जेठमलानी एक पक्ष बता रहे हैं और दूसरा पक्ष संघ प्रमुख जानते हैं। उन्होंने कहा कि संघ के वरिष्ठ नेताओं में इस तरह विषयों पर चर्चा होती रहती है।
मोदी के पक्ष में बैटिंग कर रहे जेठमलानी के इस असमय उठाए गए मुद्दे से भाजपा असहज हो गई है। माना जा रहा है कि गुजरात के विधानसभा चुनाव के बाद यह मामला फिर से तूल पकड़ सकता है। यदि चुनाव नतीजे पहले से ज्यादा मोदी के पक्ष में आते हैं तो उनके समर्थक इस चुनाव के बाद उनके पक्ष में लॉबिंग तेज कर सकते हैं।
पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि पार्टी में पीएम के उम्मीदवार के सवाल पर कोई विवाद नहीं है और उचित समय पर पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर फैसला करेगा। वैसे मोदी के नाम पर एनडीए में भाजपा की प्रमुख सहयोगी दल जदयू को भी आपत्ति है। भाजपा में भी प्रधानमंत्री के संभावित उम्मीदवारों की लंबी सूची होने से माना जा रहा है कि पार्टी शायद ही चुनाव नतीजों से पहले इस मुद्दे पर कोई फैसला हो पाए।