सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डॉक्टर सुकुमार मुखर्जी को राज्य का मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार नियुक्त किए जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया। इससे पहले हाईकोर्ट ने ममता के खिलाफ नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया था।
जस्टिस आरएम लोढ़ा व जस्टिस एआर दवे की पीठ ने ममता को नोटिस जारी किया और उनसे जवाब मांगा कि क्यों न मुखर्जी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका में उन्हें पक्षकार बनाया जाए। पीठ ने कहा कि निश्चित रूप से कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से अपनाई प्रक्रिया असामान्य है।
ममता को नोटिस जारी किया जाना चाहिए था और पक्षकारों में से उनका नाम हटाए जाने से पहले उनका पक्ष सुना जाना चाहिए था। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह ममता को केवल इसलिए नोटिस जारी कर रहा है क्योंकि हाईकोर्ट में दायर मामले में उन्हें प्रतिवादियों में क्यों नहीं बने रहना देना चाहिए।
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि यह आदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक प्रवासी भारतीय डॉक्टर कुणाल साहा की याचिका पर जारी किया। हाईकोर्ट ने मुखर्जी की नियुक्ति के खिलाफ चुनौती देने वाली याचिका पर ममता को नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया था।
साहा ने अपनी याचिका में मुखर्जी की नियुक्ति को गलत बताया था। गौरतलब है कि साहा ने याचिका में पश्चिम बंगाल में मुखर्जी को मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार के पद के लिए अयोग्य बताते हुए उनकी नियुक्ति को चुनौती दी है।