भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी बनारस से चुनाव लड़ेंगे या लखनऊ से, यह मौजूदा दौर की सबसे बड़ी पहेली बन गई है। जाहिर है, भाजपा में इन दिनों इसी बात को लेकर चर्चा जारी है और तमाम राजनीतिक दल भी इस पर निगाह टिकाए हैं।
यह बात पहले से तय है कि मोदी के लिए हाई-प्रोफाइल सीट चुनी जाएगी, जो उनके कद के मुताबिक दिखे। वह गुजरात की सीट हो सकती है या उत्तर प्रदेश की भी।
लेकिन अब नई बात यह सामने निकलकर आई है कि भले अब तक यह तय न हो या फिर ऐलान न किया गया हो कि वो उत्तर प्रदेश की किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन एक सीट ऐसी है, जहां से उनके लड़ने का फैसला हो चुका है।
इन चार में से मोदी को चुननी है एक सीट
गुजरात भाजपा ने गुरुवार को ऐलान कर दिया कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य की एक सीट से चुनाव जरूर लड़ेंगे। हालांकि, उत्तर प्रदेश में दूसरी सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया गया है।
अहमदाबाद में भाजपा महासचिव विजय रूपानी ने संवाददाताओं से कहा, "मैं यह निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि मोदीजी गुजरात में एक सीट से जरूर चुनाव लड़ेंगे।"
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी को राज्य के चार मुख्य शहर - अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा और सूरत से चुनाव लड़ने के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। हमारे पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि वह गुजरात से लड़ें।"
जोशी, राजनाथ ने बढ़ाया कनफ्यूजन
भाजपा नेता का कहना है, "प्रदेश भाजपा संसदीय दल की पिछले चार दिन बैठक हुई है, जिसमें यह फैसला किया गया है कि मोदी गुजरात में एक सीट से जरूर चुनाव लड़ेंगे।"
हालांकि, यह फैसला अभी नहीं हुआ कि गुजरात की इन चार में से वो किस सीट पर लड़ेंगे। यह पूछने पर कि क्या वो बनारस सीट से खड़े होंगे, उन्होंने कहा, "मुझे उस सीट के बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन उस पर फैसला केंद्रीय संसदीय दल को करना है।"
अब तक इस बात को लेकर काफी कनफ्यूजन है कि मोदी उत्तर प्रदेश की किस सीट से लड़ेंगे। बनारस सीट पर मुरली मनोहर जोशी दावा ठोंक रहे हैं, जबकि लखनऊ सीट से भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह दावेदारी पेश कर रहे हैं।
आडवाणी को भोपाल सीट का न्योता
नरेंद्र मोदी केंद्रीय संसदीय दल और केंद्रीय चुनाव समिति की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को दिल्ली में मौजूद थे। ऐसा कहा जा रहा था इसी दिन उनकी सीट पर फैसला हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हालांकि, प्रदेश भाजपा के नेताओं का कहना है कि गुरुवार को हुई इन बैठकों में इस बात पर फैसला नहीं हुआ कि गुजरात की सीटों पर किन उम्मीदवारों को उतारा जाएगा।
यह पूछने पर कि क्या भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर सीट से लड़ेंगे, जहां से वो पांच बार जीत हासिल कर चुके हैं, उन्होंने कहा, "इसका फैसला भी केंद्रीय संसदीय दल को करना है।" ऐसी भी खबर है कि आडवाणी को चुनाव लड़ने के लिए भोपाल सीट का न्योता मिला है।
नाम तय करने के लिए फिर होगी बैठक
रूपानी ने कहा, "हमने संसदीय दल की बैठक के पहले दौर में लोकसभा सीटों के लिए नामों का पैनल तय नहीं किया है। हम इस काम के लिए होली के बाद फिर बैठेंगे।"
भाजपा की गुजरात इकाई के संसदीय बोर्ड ने रविवार, मंगलवार और बुधवार को मोदी के निवास पर मुलाकात की थी। जाहिर है, इसमें चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा हुई।
भाजपा प्रवक्ता हर्षद पटेल ने कहा, "हमारा प्रदेश संसदीय दल 26 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए एक बार फिर मुलाकात करेगा।"