अगले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी की होने वाली चुनावी जंग का ट्रेलर अभी से उत्तर प्रदेश में दिखाई दे सकता है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में मोदी के करीबी अमित शाह के ताल ठोकने के बाद अब राहुल के दूत मधुसूदन मिस्त्री लखनऊ से पलटवार करने की तैयारी में है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नए प्रभारी महासचिव मिस्त्री शुक्रवार को लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
उनके सामने जहां भाजपा को जवाब देने की चुनौती होगी वहीं वह प्रदेश के नेताओं के बीच एकजुटता कायम करने की कोशिश भी करेंगे। वह बेनी प्रसाद वर्मा से भी मुलाकात कर उन्हें समझाने की कोशिश कर सकते हैं।
बृहस्पतिवार को मिस्त्री ने कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता संगठन तैयार करने की है। इसलिए वह प्रदेश कांग्रेस समिति के अलावा जिला और ब्लॉक समिति के नेताओं से भी मुलाकात कर जमीनी हालातों की जानकारी लेंगे।
भाजपा की ओर से मोदी के दूत के तौर पर अमित शाह से मुकाबला करने के सवाल पर मिस्त्री ने कहा कि प्रदेश में भाजपा से पार्टी को कोई डर नहीं है।
बेनी प्रसाद वर्मा की ओर से विवादित बयानों के ठीक बाद मिस्त्री का दौरा काफी अहम माना जा रहा है। बुधवार को उन्हें बेनी से मुलाकात करनी थी। मगर वह मिल नहीं पाए।
मिस्त्री ने कहा कि उनकी और वर्मा की व्यस्तता के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। वह अगले कुछ दिनों में मिलने की कोशिश करेंगे।
गौरतलब है कि बेनी प्रसाद वर्मा ने कांग्रेसी नेताओं पर बेवजह की बयानबाजी के साथ साथ चुनाव के दौरान पैसा कमाने का भी आरोप लगाया है।