नरेंद्र मोदी वीजा मामले के फर्जीवाड़े को भाजपा अब अकेले ही संसद में उठाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति को भेजे पत्र पर अपने फर्जी हस्ताक्षर बताने वाले सांसदों की खामोशी के चलते अब मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पा रहा है। भाजपा को अब मानसून सत्र का इंतजार है।
सत्र में पार्टी इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएगी। वहीं इस फर्जीवाड़े की जांच कराने के लिए भाजपा सांसद सुदर्शन भगत का लिखा पत्र अब भी लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के पास विचाराधीन है।
माना जा रहा है कि यदि यह मामला लोकसभा व राज्यसभा की विशेषाधिकार हनन समितियों के पास पहुंच भी जाता है, तो उसे जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजना पड़ेगा। क्योंकि समितियों के पास हस्ताक्षर की पहचान करने की सुविधा नहीं है।
भाजपा का मानना है कि यह पत्र विशेषाधिकार हनन समिति के पास भेजा जाना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि मामला संसद की गरिमा का है। सवाल यह है कि क्या सांसद किसी चुने हुए मुख्यमंत्री के मामले में दूसरे देश के राष्ट्रपति को पत्र लिख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद अपने देश के राष्ट्रपति को तो पत्र लिख सकते हैं, लेकिन दूसरे देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखना असंवैधानिक है। साथ ही मामला फर्जीवाड़े का भी है। कई सांसद कह रहे हैं कि पत्र पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।