प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के मंदिरों के शहर क्योटो से रविवार को राजधानी टोक्यो पहुंच गए, जहां वह सोमवार को अपने जापानी समकक्ष शिंजो अबे के साथ शिखर वार्ता करेंगे।
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इससे पहले मोदी का क्योटो में दिन बेहद व्यस्त रहा। उन्होंने यहां दो प्राचीन बौद्ध मंदिरों के दर्शन किए। इस दौरान शिंजो अबे भी उनके साथ रहे।
मोदी के आग्रह पर जापान ने सिकिल सेल एनीमिया बीमारी का इलाज खोजने में भारत का सहयोग करने पर हामी भर दी है। भारतीय आदिवासियों में यह घातक बीमारी पाई जाती है।
अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन क्योटो में मोदी ने क्योटो यूनिवर्सिटी के दौरे के दौरान स्टेम सेल रिसर्च केंद्र में इस बीमारी का मुद्दा उठाया और जानना चाहा कि क्या क्या जापान इस संबंध में भारत की मदद कर सकता है।
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सूत्रों के मुताबिक जापान ने भारत के साथ मिलकर इस बीमारी का इलाज खोजने पर सहमति जता दी है। उन्होंने मेडिसिन में नोबेल विजेता ए यामानाका से भी यूनिवर्सिटी में इस मुद्दे पर चर्चा की। मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, वह तब से ही इस बीमारी का इलाज तलाशे जाने को लेकर बेहद गंभीर हैं।
सिकिल सेल एनीमिया
इस खतरनाक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं पूरी न बनकर अर्ध चंद्राकार बनती हैं। सामान्य लाल रक्त कणिकाओं की तुलना में अर्ध चंद्राकार लाल रक्त कणिकाएं कम ऑक्सीजन ले जा पाती हैं। ऐसे में इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के फेफड़ों और दूसरे अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है।
दो प्राचीन बौद्ध मंदिरों के किए दर्शन
इससे पहले मोदी ने रविवार को क्योटो में तोजी मंदिर में दर्शन किए। आठवीं सदी के इस मंदिर में वह जापानी पीएम के साथ करीब आधे घंटे तक रहे और यहां का इतिहास भी जाना।
इसके बाद उन्होंने किनकाकूजी मंदिर में दर्शन किए। जापान के पीएम अबे ने अपने ट्वीट में कहा कि जापान और भारत के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और शिखर वार्ता में दोनों मुल्कों के रिश्तों को और मजबूती दी जाएगी।
मोदी और अबे की सोमवार को होने वाली शिखर वार्ता के एजेंडे में रक्षा, असैन्य परमाणु क्षेत्र, ढांचागत विकास के मुद्दे प्रमुख तौर पर शामिल हैं।
मोदी को उम्मीद है कि उनकी इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय शुरू होगा। उनकी यात्रा के दौरान रक्षा और असैन्य परमाणु क्षेत्र में कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर भी होने की उम्मीद है।
‘मैं मोदी, आप मोरी’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाजिर जवाबी जापान दौरे में भी देखने को मिली। अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दूसरे प्रधानमंत्री 14वीं सदी के प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर किनकाकुजी पहुंचे। वहां के प्रमुख पुजारी से प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं मोदी और आप मोरी।
इस दौरान मोदी सफेद कुर्ता-पायजामा, स्लीवलेस जैकेट और सफेद सैंडल पहने हुए थे। अपनी वेशभूषा से उन्होंने शांति और सद्भाव का संदेश देने की कोशिश की।
विदेश विभाग के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने अपने ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री ने कुछ वक्त बौद्ध मंदिर के प्रमुख पुजारी 83 वर्षीय यासू नगामोरी के साथ बिताया।
प्रधानमंत्री ने प्राचीन मंदिर के इतिहास की जानकारी ली। साथ ही वहां पर आए पर्यटकों, दर्शकों और जापान में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मिले। पर्यटकों और भारतीय समुदाय के लोगों ने मोदी के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई।
इससे पहले मोदी ने 8वीं के तोजी मंदिर का भी दौरा किया। इस दौरान उनके साथ जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे भी थे। तोजी मंदिर यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है।
मोदी से मिलने को बेताब दिखे सैलानी
जापान दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो प्रमुख प्राचीन बौद्ध मंदिर तोजी और किनकाकुजी के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान वहां पर मौजूद पर्यटकों और आम लोगों का मोदी ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
साथ ही जापानी युवाओं और भारतीय समुदाय के लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। अवसर की गंभीरता को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सफेद कुर्ता-पायजामा, स्लीवलेस जैकेट और सफेद सैंडल पहनी हुई थी।
प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत प्राचीन तोजी मंदिर के दर्शन के साथ की। यह मंदिर हिंदू देवताओं ब्रह्मा, विष्णु और महेश की त्रिमूर्ति से प्रभावित है। इस दौरान पीएम के साथ जापानी समकक्ष शिंजो अबे भी थे।
तोजी मंदिर यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है। 8वीं शताब्दी के बौद्ध पैगोडा में मोदी लगभग आधे घंटे रहे। मंदिर का मुख्य पैगोडा पांच मंजिला है। मुख्य पैगोडा 57 मीटर ऊंचा है। यह पैगोडा क्योटो और मंदिर की पहचान बना हुआ है।
मंदिर परिसर छोड़ने से पहले मोदी ने साथ देने के लिए जापानी पीएम का धन्यवाद किया। अबे ने पीएम को बताया कि वह खुद दूसरी बार तोजी मंदिर आए हैं। इससे पहले वह छात्र जीवन के दिनों में यहां आए थे।
जापानी प्रधानमंत्री मोदी से मिलने विशेष रूप से टोक्यो से क्योटो आए थे। तोजी मंदिर के एक बौद्ध भिक्षु ने कहा कि हमें खुशी है कि भारतीय प्रधानमंत्री यहां आए। यह हमारे और मंदिर के लिए गर्व की बात है। उनका दिल बहुत बड़ा है।
बच्चे संग मोदी ने की मस्ती
किनकाकुजी मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यटकों और दर्शकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस मौके पर पीएम मस्ती करने में पीछे नहीं रहे।
उन्होंने एक 10 वर्षीय बच्चे का कान पकड़कर उसके साथ तस्वीर खिंचवाई। साथ ही सुरक्षा घेरा तोड़कर जापानी युवाओं और अन्य के साथ भी फोटो तस्वीर खिंचाई।
प्रधानमंत्री मोदी को देखकर विदेशी पर्यटक भी काफी उत्साहित नजर आए। कई ने अपने मोबाइल से उनकी तस्वीर ली।
एक अमेरिकी पर्यटक ने कहा कि हम सही वक्त पर यहां आए हैं। जापानी महिलाओं के एक समूह ने मोदी के साथ फोटो खिंचाई।
पीएम ने ली क्योटो के विकास की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को क्योटो के मेयर से शहर के विकास की जानकारी हासिल की। मेयर ने बताया कि जापान की सांस्कृतिक राजधानी की प्राचीन परंपरा को संरक्षित रखते हुए कैसे क्योटो को आधुनिक शहर में विकसित किया गया। शनिवार को ही क्योटो की तर्ज पर वाराणसी को विकसित करने पर समझौता हुआ है।
40 मिनट के प्रजेंटेशन के दौरान मेयर ने बताया कि कैसे क्योटो को इसके नागरिक साफ सुथरा रखते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि स्थानीय छात्र शहर की साफ सफाई में सक्रियता से शामिल होते हैं।
पोस्टरों और बिलबोर्ड को हतोत्साहित किया जाता है और यह काम कई सालों से हो रहा है। उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले मोदी क्योटो की तर्ज पर इस प्राचीन नगरी का विकास करना चाहते हैं।
मोदी ने मेयर को एक किताब भी भेंट की। इस किताब में उन्होंने लिखा, मैं बनारस का प्रतिनिधित्व करता हूं। मैं यह जानने आया हूं कि कैसे क्योटो का विकास हुआ। उन्होंने वाराणसी का एक डिजिटल मैप भी मेयर को सौंपा।
बाद में मोदी ने कहा कि क्योटो आने की वजह मुख्य रूप से सांस्कृतिक है। क्योटो कई समस्याओं के बावजूद अपनी सांस्कृतिक हेरिटेज को बनाए रखे है।
क्योटो ने अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ ही आधुनिक जरूरतों को समाहित किए हुए है। यह शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत की नींव पर बना है। भारत में भी हम एक हेरिटेज शहर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह जब तोजी मंदिर पहुंचे तो वह भगवान बुद्ध की प्रतिमा से लगे कमल के पुष्पों को देखकर काफी आनंदित हुए।
उनके साथ चल रहे जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने कमल के महत्व को बताना शुरू किया तो मोदी ने उन्हें बीच में रोक दिया।
प्रधानमंत्री ने अबे से कहा कि वह इस बारे में जानते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह कमल के पुष्पों के महत्व से अवगत हैं। यह हमारी पार्टी (भाजपा) का चुनाव चिन्ह है। इस पर दोनों नेता हंस पड़े।