मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए देश विदेश के इंटरनेट सेवी और आईआईटी, आईएमए जैसी संस्थाओं से निकलने वाले मध्य और उच्च मध्य वर्गीय युवाओं को लुभाने में कामयाब होने के बाद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अब उन करोड़ों युवाओं की ओर रुख किया है, जो कम पढ़े लिखे हैं, गांव-कस्बों से आते हैं और अपने हुनर की बदौलत मेहनत करके रोटी रोजी कमा रहे हैं।
इसके लिए मोदी की गुजरात सरकार ने राज्य के 165 आईटीआई, कौशल्य वर्धन केंद्रों और सरकारी सहायता से युवाओं को दस्तकारी, मशीनरी, सिलाई, ड्राईविंग, कंप्यूटर, मैकेनिक, फिटर, टर्नर, प्लंबर, कारपेंटर, ब्यूटीशियन जैसे अनेक हुनर सिखाने वाली गैर सरकारी संस्थाओं के अपने मॉडल को शो केस बनाकर देश के सामने रखने की वृहद योजना बनाई है।
भारतीय जनसंघ के श्रद्धा पुरुष पं.दीन दयाल उपाध्याय के जन्म दिन 25 सितंबर को गांधीनगर में कौशल्य वर्धन राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के सभी राज्यों के सरकारी और गैर सरकारी प्रतिनिधियों को बुलाकर गुजरात सरकार ने एक तरफ अपने मुख्यमंत्री के विकास और सुशासन के एजेंडे को साझा किया,वहीं इस सम्मेलन में आए अन्य राज्यों में विभिन्न विधाओं में कौशल्य वर्धन प्रशिक्षण लेने वाले सैकड़ों युवाओं को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने अपनी प्राथमिकता साफ कर दी।
आईआईटी की जगह अब आईटीआई के गीत गाने, श्रम की महत्ता और सम्मान को बहाल करने, बाबुओं और नेताओं को कोसने और उच्च शिक्षा से वंचित युवाओं को बिना औपचारिक शिक्षा के स्नातक और इंजीनियर तक बनने के सपने दिखाकर मोदी ने युवाओं के बीच अपने जनाधार को विस्तृत करने का दांव चला है।
सम्मेलन स्थल पर आए युवाओं के जोश को जुनून में बदलते हुए मोदी ने जब श्रमेव जयते का नारा दे दिया, तो उद्घोषक ने कहा कि गांधी जी के सत्यमेव जयते के नारे के बाद यह मोदी जी का नया नारा है। इस सम्मेलन में आए विभिन्न राज्यों के अधिकारी और प्रतिनिधि न सिर्फ मोदी के भाषण से चमत्कृत थे, बल्कि पूरेआयोजन को लेकर बेहद अभिभूत दिखे।
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों और विधाओं में कौशल्य वर्धन को लेकर गुजरात और अन्य राज्यों में हो रहे प्रयोगों पर चर्चा हुई।
गुजरात के मुख्य सचिव वारेश सिन्हा और श्रम एंव रोजगार विभाग की आयुक्त सोनल मिश्रा के मुताबिक सम्मेलन में अन्य राज्यों के साथ पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों के अधिकारी, प्रशिक्षु और गैर सरकारी प्रतिनिधियों ने कौशल्य वर्धन के लिए गुजरात सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों और केंद्रों में खासी दिलचस्पी दिखाई।