जाने-माने लेखकर और ज्ञानपीठ अवॉर्ड विजेता यू आर अनंतमूर्ति ने गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर बयान क्या दिया, बवाल मच गया।
अनंतमूर्ति को इन दिनों मोदी के समर्थकों की ओर से मनी ऑर्डर मिल रहे हैं। मोदी के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पैसा इकट्ठा करना शुरू किया है, ताकि अनंतमूर्ति को भारत से बाहर भेजने का 'एकतरफा टिकट' खरीदा जा सके।
अनंतमूर्ति ने बुधवार को कहा था कि वह ऐसे देश में नहीं रह सकते, जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो। उन्होंने मोदी के प्रशंसकों के व्यवहार पर नाखुशी जताई, जो अपने नेता की क्षमताओं की आलोचना करने पर किसी पर भी हमला बोल देते हैं।
अनंतमूर्ति ने कहा, "मैं मोदी के शासन वाले देश में नहीं रह सकता। जब मैं नौजवान था, तो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करता था। लेकिन उनके समर्थकां ने हम पर कभी हमला नहीं किया।"
उन्होंने कहा, "वे हमेशा हमारी राय का सम्मान करते थे। मोदी के समर्थक फासीवादियों की तरह व्यवहार करते हैं। वे इस तरह व्यवहार करते हैं, जैसे हिटलर के वक्त जर्मनी के फासीवादी करते थे। मैं मोदी को उस कुर्सी पर नहीं देख सकता, जिस पर कभी नेहरू ने बैठकर राज किया था।"
अनंतमूर्ति ने कहा, "मैं काफी बूढ़ा हो चुका हूं और तबीयत खराब है। अगर मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह मेरे लिए बड़ा धक्का होगा। मैं जी नहीं पाऊंगा।"
उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मोदी के प्रशंसकों की तरफ से अनंतमूर्ति को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
कई मोदी समर्थकों ने भारत छोड़ने के लिए लेखक को पैसा देने की पेशकश की है। कई उनके लिए विदेशी मुल्क के लिए एकतरफा टिकट खरीदने के लिए तैयार हैं।
इस पर अनंतमूर्ति का कहना है, "उनकी प्रतिक्रिया खौफनाक है। यह डरावना है। अगर यह फासीवाद नहीं, तो क्या है? चुनावों से पहले यह हालत है, अगर मोदी सत्ता में आए, तो वे क्या करेंगे?"