प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब दफ्तर से कंप्यूटर के माउस पर क्लिक कर जान सकेंगे कि आखिर किस जिले और ब्लॉक में केंद्रीय योजनाओं की क्या जमीनी हकीकत है।
विकास से जुड़े जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर के आंकड़े सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए पीएमओ में विशेष सर्वर लगाने की योजना पर काम चल रहा है। इसकी शुरुआत शिक्षा से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं जैसे सर्व शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों से लेकर बिना शौचालय वाले स्कूलों के आंकड़ों से होने जा रही है।
अभी पीएमओ को जमीनी सच्चाई जानने के लिए विभिन्न मंत्रालयों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। पीएमओ के कहने पर मंत्रालय राज्यों से जानकारी जुटाते है और उसके बाद पीएमओ तक जानकारी पहुंचती है। इस प्रक्रिया में समय बहुत लगता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस प्रक्रिया को हाई टेक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। गुजरात में भी इसी मॉडल पर जिला और ब्लॉक स्तर की जानकारी जुटाई जाती है।