फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी ने खुद बताया, अगर PM नहीं बन पाए तो क्या करेंगे!

Tue, 29 Apr 2014 01:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा 'अबकी बार, मोदी सरकार' का मंत्र जप रही है और कांग्रेस 'हर हाथ शक्ति, हर हाथ तरक्की' का नारा बुलंद कर रही है। भाजपा का मानना है कि इन दिनों देश में मोदी लहर है और कांग्रेस कह रही है कि मोदी के नाम का गुब्बारा चुनावी नतीजों से फूट जाएगा।
विज्ञापन


दरअसल, मोदी के सामने चुनौती कड़ी है। वो मिशन 272 के साथ आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का इल्म है कि अगर उनकी सीटें जादुई आंकड़े से कुछ कम रहीं, तो बाकी जुटाने में पसीना आ सकता है।

दूसरी तरफ कांग्रेस है, जो ज्यादातर बड़े राजनीतिक खिलाड़ियों के बीच भाजपा से कहीं ज्यादा स्वीकार्यता रखती है। ऐसे में वो कम सीटें जीतने के बावजूद मोदी को रोकने के लिए अलग-अलग रणनीति तैयार कर रही है। लेकिन अगर इतना जोर लगाने के बावजूद मोदी नहीं जीते, तो क्या होगा?
विज्ञापन

'मानसिक दिवालिया हैं विरोधी'

कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा क‌ि सत्तारूढ़ कांग्रेस को करप्‍शन पर जरा शर्म नहीं आती। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "जब लोग उसे भ्रष्ट कहते हैं, तो कांग्रेस को सहन नहीं होता। उन्हें लगता ही नहीं‌ कि उन्होंने कुछ गलत किया है।"

यह पूछने पर कि अगर मोदी पीएम बनते हैं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाएंगे, मोदी ने कहा, "अगर मैं कहूंगा कि मैं कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करूंगा, तो आप कहोगे कि मैं बदले की राजनीति में यकीन रखता हूं। अगर मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि आप कहोगे कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलता हूं, लेकिन करूंगा नहीं। लेकिन मेरा कहना है कि कानून अपना काम करेगा।"

उन्होंने कहा, "मैं देश की नब्ज पकड़ रहा हूं। मुझे पता है कि चुनाव किस तरफ जा रहे हैं। कांग्रेस जानती है कि अब उसका जहाज डूब रहा है। वो छोटी चीजों को उठा रहे हैं, जो उनका मानसिक दिवालियापन दिखाता है।"

'हारा तो चाय बेचने चला जाऊंगा'

भारतीय राजनीति के हिसाब से राहुल गांधी की उम्र काफी कम है और अगर इस बार कांग्रेस नाकाम भी साबित होती है, तो उनके पास आगे मौका रहेगा। लेकिन अगर मोदी इस बार भाजपा को जीत तक नहीं पहुंचा सके, तो उनका क्या होगा? खुद मोदी ने इसका जवाब दिया।

मोदी ने मजाकिया लहजे में कह कि वो चाय बेचने के लिए लौट जाएंगे। उन्होंने कहा, "अगर मैं हार गया, तो चाय बेचने लौट जाऊंगा। हम तो चाय बेचते थे, फिर बेच लेंगे। मुझे फिक्र नहीं है कि अगर मैं हार गया, तो क्या होगा?"

कांग्रेस को हाथी और भाजपा को सियार बताने वाले कांग्रेसी नेता जयराम रमेश के बयान पर उन्होंने कहा, "उन्हें राहुल गांधी की तारीफ कर अपनी रोजी-रोटी चलानी है। उन्हें करने दीजिए।"

पीएम का स्लोगन अपनायाः मोदी

भाजपा के चुनाव प्रचार 'अच्छे दिन आने वाले हैं...' के बारे में मोदी ने दिलचस्प कहानी सुनाई। गुजरात के मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें यह लाइन खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तरफ से मिली।

उन्होंने कहा, "प्रवासी भारतीय दिवस पर प्रधानमंत्री ने यह कहा था और मैंने अगले दिन इसे उधार ले लिया। लेकिन श्रोता जानते थे कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं।"

यह पूछने पर कि अगर वो सत्ता में आए, तो देश के हालात कैसे सुधारेंगे, मोदी ने कहा, "2001 के भूकंप के बाद दुनिया ने गुजरात को नकार दिया था, लेकिन उसने दिखा दिया कि वो देश के लिए उदाहरण बन सकता है।"
विज्ञापन

जाति की बात उठाना काम कर गयाः मोदी

नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं जातिवादी, सांप्रदायिक और वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ हूं। मैं इनके आधार पर कभी चुनाव लड़ना या जीतना नहीं चाहूंगा। 1995 में भाजपा ने जातीय आधार पर आंतरिक संघर्ष देखा।"

उन्होंने कहा, "उस वक्‍त मैंने एक पत्रकार को अपने ओबीसी के बारे में बताया था। जब दिल्ली में मेरा जातीय दर्जा उठाया गया, तो मुझे अच्छा नहीं लगा। लेकिन यह मेरे फायदे में काम कर गया, क्योंकि लोगों ने खुद को मुझसे जोड़कर देखा।"

लंबे वक्‍त तक मीडिया से दूरी बनाए रखने के बाद मोदी अब इंटरव्यू देने में परहेज नहीं दिखा रहे। जाहिर है, उन्हें समझ आ रहा है कि चुनावों के दौर में प्रचार के लिए एक हथियार यह भी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें