प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले महीने प्रस्तावित जापान यात्रा की खबरों के बीच रेल मंत्रालय में अचानक हाई स्पीड और बुलेट ट्रेन की अति महत्वाकांक्षी योजना को लेकर हलचल तेज हो गई है।
इसकी वजह है कि चुनाव में मोदी ने देश को बुलेट ट्रेन चलाने के सपने दिखाए हैं। इस सपने को पूरा करने में रेलवे भी पूरी रुचि ले रहा है। रेल मंत्री सदानंद गौड़ा भी पदभार संभालने के बाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में अफसरों से रिपोर्ट ले चुके हैं।
माना जा रहा है कि पीएम मोदी की जापान यात्रा के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ परियोजना को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन सकती है।
अहमदाबाद से मुंबई के बीच पहली बुलेट ट्रेन!
देश में पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलाने के लिए रेल मंत्रालय पहले ही फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार करा रहा है। मई 2015 तक यह रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
अहमदाबाद और मुंबई के बीच 534 किमी की इस प्रस्तावित परियोजना पर 63000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इस दूरी को दो घंटे में पूरा कर लेगी।
रेलव प्रोजेक्ट का अनुमानित खर्च घटाने के लिए बुलेट ट्रेन के कोच आदि को भारत में ही तैयार करने की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है। बुलेट ट्रेन के लिए दूसरा महत्वपूर्ण रूट दिल्ली से वाराणसी होते हुए पटना चिन्हित किया गया है।
मोदी के निर्देश का इंतजार
बुलेट ट्रेन परियोजना को अगले बजट में संसद में पेश किया जाएगा या नहीं इस पर रेलवे, पीएमओ के निर्देश का इंतजार कर रहा है।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "एक बार केंद्र सरकार बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान कर देगी तो तेजी से इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। इस लिहाज से प्रधानमंत्री की जापान यात्रा में वहां के शीर्ष नेतृत्व से परियोजना को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन सकती है।"
जापान या किसी दूसरे देश से फाइनेंस और तकनीक हासिल करने के लिए अभी सैद्धांतिक बातचीत ही हो सकती है। प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ही औपचारिक समझौते की दिशा में बढ़ा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री के जापान दौरे में बुलेट ट्रेन पर चर्चा होने की संभावनाओं को स्वीकार करते हुए रेलवे के इस आला अधिकारी ने कहा, "अभी पीएमओ से इस बारे आधिकारिक सूचना नहीं मांगी गई है।"