नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार देश में कुल 100 स्मार्ट सिटी बनाने की सोच रही है जिसमें करीब 101 खरब रूपये की लागत आएगी। इतने रूपये महज कुछ ही साल में खर्च किए जाएंगे।
ऑडिटिंग कंपनी डेलॉइट के मुताबिक स्मार्ट सिटी बनाने में जो खर्च आएगा उनमें से करीब 814 अरब रूपये प्राइवेट सेक्टर से आएंगे। भारत सरकार ने फिलहाल करीब सात अरब रूपये लागत की दो परियोजनाओं की शुरुआत कर चुकी है। इन परियोजनाओं के नाम 'स्मार्ट सिटी मिशन' और 'अम्रुत' हैं जिसके तहत 500 शहरों को कायाकल्प किया जाएगा।
डेलॉइट इंडिया के पीएन सुदर्शन के मुताबिक स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए
निजी क्षेत्रों से आने वाले निवेश को लेकर की दिक्कतें भी हैं लेकिन यह सब
सरकार के निर्णयों और कार्यक्रमों पर निर्भर करता है।
20 शहरों की घोषणा
भारत सरकार ने हाल ही में पहले 20 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की है जिनमें भुवनेश्वर, पुणे, जयपुर, सुरत कोच्ची, अहमदाबाद, जबलपुर, विशाखापट्नम, शोलापुर, इंदौर, दिल्ली, कोयम्बटुर, काकिनाडा, बेलागावी, उदयपुर, गुवाहाटी, चेन्नई, लुधियाना और भोपाल के नाम शामिल है।
शोध के मुताबिक इस साल कई बड़े सर्विस प्रोवाइडर इन शहरों को पूरी तरह से वाईफाई युक्त बनाने के लिए भारी निवेश करने वाले हैं। रिलायंस जिओ देश के करीब 50 शहरों में वाईफाई लगाएगा। वहीं भारती और वोडाफोन जैसी कंपनियां संयुक्त रूप से वाईफाई सर्विस की शुरुआत करेंगे।