प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को लेकर एक नया विवाद सामने आया है।
ये अप्रत्याशित विवाद सरदार पटेल की याद में बनाए जाने वाले 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की प्रतिमा को लेकर है। दरअसल सरदार पटेल के पैतृक गांव के निवासियों का कहना है कि लौह पुरूष की जो प्रतिमा बनाई जा रही है उसमें सरदार पटेल के व्यक्तित्व की झलक नजर नहीं आ रही है।
सरदार पटेल का संबंध गुजरात के आणंद के करमसाद इलाके से था। जहां पिछले दिसंबर में 18 फीट ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की प्रतिकृति लोगों को दिखाई गई। इस दौरान वहां के लोगों ने मूर्ति को लेकर अपने-अपने सुझाव इस प्रतिमा को डिजाइन कर रही संस्था सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट (एसवीपीआरईटी) को दिए थे। इसी संस्था के पास इस प्रतिमा के निर्माण की जिम्मेदारी है।