गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के दावों को लेकर कांग्रेस और भाजपा में सियासी भिड़ंत तेज हो गई है।
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एनडीए शासनकाल को स्वर्णिम बताने संबंधी मोदी के बयान पर कांग्रेस और केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने जवाबी हमला बोला है।
चिदंबरम ने कहा कि मोदी ‘आंकड़ों का फर्जी एनकाउंटर’ कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा कि चिदंबरम आंकड़ों का आतंकवाद फैला रहे हैं।
कांग्रेस के हमले पर भाजपा मोदी के बयान से समर्थन में उतर आई है।
पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा और राज्यसभा में भाजपा के उपनेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम को इसका जवाब देना चाहिए कि क्या यह सच नहीं है कि जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार सत्ता में आई थी, तब विकास दर 4.8 फीसदी थी और सत्ता से हटते समय यह दर 8.5 प्रतिशत पहुंच गई थी।
सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम आतंकवादी घटनाओं की तुलना भी केवल आंकड़ों के औसत के आधार पर करते हैं। उन्होंने कहा कि चिदंबरम का आकलन आंकड़ों की बाजीगरी से ज्यादा कुछ नहीं है।
वे एनडीए के शासन के दौर के आंकड़ों की बाजीगरी से साबित करने की कोशिश करते हैं कि यूपीए का जीडीपी का औसत बेहतर है।
जबकि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए कांग्रेस व चिदंबरम गलत बयानी कर रहे हैं।
इससे पहले चिदंबरम ने नरेंद्र मोदी पर ‘तथ्यों के साथ फर्जी मुठभेड़’ का आरोप जड़ा। उन्होंने कहा विकास दर का कोई स्वर्णिम काल था तो वह यूपीए का पहला कार्यकाल था।
चिदंबरम ने आंकड़ों का सहारा लेते हुए कहा कि एनडीए सरकार के दौरान 8.4 फीसदी आर्थिक विकास दर का दावा सच्चाई से कोसों दूर है।
उन्होंने कहा कि 1998-99 से 2003-04 तक एनडीए के छह साल का औसत 6.0 फीसदी था और 1999-2000 से 2003-04 का औसत तो मात्र 5.9 फीसदी था।
उन्होंने कहा कि इसके उलट यूपीए के पहले कार्यकाल में औसत विकास दर 8.4 रही, दूसरे कार्यकाल में पहले चार साल का औसतन 7.3 प्रतिशत रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने आरोप लगाया कि मोदी गलत बयानी करते हैं, उनकी बातें सच से कोसों दूर होती हैं।
क्या है विवाद की जड़
मोदी ने रविवार को कहा था कि विकास दर के लिहाज से वाजपेयी का कार्यकाल स्वर्णिम काल था। इस दौरान अर्थव्यवस्था काफी मजबूत थी और विकास दर 8 फीसदी से अधिक थी जबकि आज अर्थव्यवस्था बदहाल स्थिति में है।
चिदंबरम का वार
एनडीए सरकार के छह साल (1998-99 से 2003-04) का औसत 6.0 प्रतिशत था और उस सरकार के पिछले पांच वर्ष (1999-2000 से 2003-04) का औसत 5.9 प्रतिशत था।
विकास दर के लिहाज से यूपीए प्रथम का कार्यकाल स्वर्णिम युग था। इस दौरान औसत विकास दर 8.4 फीसदी रही।
सुपर फेंकूं हैं चिदंबरम: यशवंत
यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर मोदी फेंकूं हैं तो चिदंबरम सुपर फेंकूं हैं।
चिदंबरम क्या इसका जवाब दे सकते हैं कि आज वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत क्यों है? एनडीए जब शासन में आया उस समय विकास दर 4.8 प्रतिशत थी और जब वह सत्ता से हटी तो उस समय यह दर 8.6 प्रतिशत थी।