नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी जम्मू रैली में पहली बार आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तीन 'एके' हैं। जिसमें उन्होंने बताया कि एक एके 47 राइफल है, दूसरे रक्षा मंत्री एके एंटनी हैं और तीसरे एके-49 हैं। एके-49 यानी दिल्ली में 49 दिन की सरकार चलाने वाले अरविंद केजरीवाल।
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हालांकि, नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल पर चुनावी हमला बोला था, लेकिन इस बयान से केजरीवाल का नुकसान कितना हुआ, यह नहीं पता। लेकिन कुछ आर्थिक फायदा जरूर हो गया।
मोदी के बयान के तुरंत बाद 'आप' को मिलने वाली डोनेशन में इजाफा हो गया और 24 घंटों के भीतर पार्टी को एक करोड़ रुपए डोनेशन मिल गया। केजरीवाल के समर्थकों का कहना है कि, मोदी के बयान का ही असर है कि पार्टी को अचानक इतनी रकम मिली।
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सिर्फ मोदी ही नहीं, केजरीवाल भी कारण
आम आदमी पार्टी के समर्थक जरूर ये कह रहे हैं कि पार्टी को 24 घंटों में एक करोड़ मोदी के बयान के बाद मिला है, लेकिन डोनेशन बढ़ाने में केजरीवाल का भी हाथ है।
पार्टी को डोनेशन तब से ही मिलनी शुरू हो गई थी, जब अरविंद ने वाराणसी से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने लोगों से सहयोग की मांग करते हुए कहा, ''मैं मोदी के खिलाफ लड़ने को तैयार हूं, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं। आपको मुझे पैसे देने होंगे।''
केजरीवाल ने यहां पर मोदी की तरह इतिहास का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों ने मदन मोहन मालवीय को बनारस हिंदूविश्वविद्यालय तैयार करने में मदद की थी, इसी तरह मुझे भी लोगों की मदद चाहिए।
'आप' के दानवीर कर्ण
आम आदमी पार्टी को बुधवार को मिली एक करोड़ की डोनेशन में सबसे बड़ा दान हांगकांग के गणेश रमानी ने किया। गणेश ने चेक के जरिए पार्टी को 62 लाख रुपये दान में दिए। इसके अलावा, अन्य ऑनलाइन डोनेशन के तौर पर कई लोगों ने पार्टी के बैंक बैलेंस को मजबूत बनाया।
पार्टी को सोमवार को 795 दान देने वालों ने 18 लाख से ज्यादा दान किया, तो वहीं मंगलवार को पार्टी ने 48 लाख रुपये जमा किए, जो पार्टी अकाउंट में 1246 दानदाताओं ने जमा किए।
दिसंबर महीने में दिल्ली चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद से लेकर आजतक पार्टी को अब तक 104 देशों से 70,525 दानदाताओं ने 17 करोड़ रुपए से ज्यादा दान किया है।
यहां जांच के आदेश, वहां फंडिंग दोगुनी
नवंबर 2013 में कांग्रेस सरकार ने आम आदमी पार्टी को मिलने वाली डोनेशन पर सवाल उठाए थे। सिर्फ सवाल नहीं, बल्कि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मामले में जांच करने की बात कही थी और भाजपा भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ हो गई थी।
कांग्रेस और बीजेपी का 'आप' के डोनेशन पर सवाल उठाना जैसे ही मीडिया में आया, वैसे ही केजरीवाल की पार्टी को मिलने वाली डोनेशन छह गुना बढ़ गई।
केजरीवाल ने बाकायदा कांग्रेस और भाजपा का धन्यवाद करते हुए कहा था कि हम दोनों पार्टियों के आभारी हैं कि उन्होंने हमें मिलने वाली डोनेशन पर सवाल उठाए क्योंकि इससे हमें छह गुना ज्यादा डोनेशन मिली है।
लगता तो ऐसा ही है कि केजरीवाल जानते हैं कि कब और कैसे, क्या किया जाए, जिससे पार्टी को मिलने वाला दान बढ़ जाए। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, ये वो पहले भी कर चुके हैं।
केजरीवाल ने जब दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद से जनलोकपाल मुद्दे पर इस्तीफा दिया था, तो उस समय भी पार्टी की फंडिंग कई गुना बढ़ गई थी।
जब अरविंद को गुजरात दौरे के बीच में पुलिस ने पकड़ लिया, तो इसका असर भी उनकी पार्टी के हक में ही हुआ। उसी दिन पार्टी को 24 लाख से भी ज्यादा दान मिला। यह पार्टी को मिलने वाली हर दिन के दान में चार गुना का इजाफा था।