दीनदयाल धाम में अपने भाषण की शुरूआत मोदी ने वहीं से की जहां वह पूर्व की रैलियों में अपनी बात छोड़ चुके हैं। यानि पूर्व की यूपीए सरकार पर तीखे हमलों से। भाषण की शुरूआत में मोदी का जोर अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने से ज्यादा पूर्व की यूपीए सरकार की नाकामियों और उनके भ्रष्टाचार पर तंज कसने पर रहा।
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कहा कि सालभर पहले चुनाव नहीं हुआ होता तो देश आज और भी गर्त में जा रहा होता। उन्होंने लोगों से सीधे रूबरू होते हुए पूछा की 'भाईयों मुझे बताइए कि पिछले राज में रोज घोटाले होते थे या नहीं, दिल्ली की सरकार रिमोट से चलती थी या नहीं, भ्रष्टाचार में अफसरों और नेताओं को जेल जाना पड़ता था या नहीं।
सालभर पहले कितने बुरे दिन थे, क्या वो बदले या नहीं, अच्छे दिन आए कि नहीं'। इसके बाद मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सालभर में कहीं से कोई घोटाले की खबर तो नहीं आई, कोई भाई-भतीजावाद का मामला तो सामने नहीं आया। आप बताइये कि सालभर में अच्छे दिन आए या नहीं। हां कुछ लोगों के बुरे दिन आए हैं जो भ्रष्टाचार की उम्मीद करते थे। मोदी ने कहा कि उनके और भी बुरे दिन आने वाले हैं।
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मोदी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि हमारी सरकार ने जनधन योजना के जरिए आम जनता के पैसों को खाने वाले बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह खत्म कर दिया। अब सीधा पैसा आम आदमी के खाते में पहुंचेगा। किसानों की मौत पर कहा कि आजादी के 60 साल बाद भी किसान परेशान क्यों है इसका जवाब सबको ढूंढना चाहिए।
किसान को अच्छी बिजली, अच्छा बीज और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके इसकी व्यवस्था कर रहे हैं। किसान की मेहनत बेकार न जाए इसलिए सायल मैनेजमेंट की व्यवस्था की। मोदी ने दावा किया कि जितनी बिजली पिछले तीस साल में पैदा हुई उतनी हमने एक साल में पैदा की है। देश में 20 लाख टन यूरिया का उत्पादन बढ़ा है।
12 रुपये में कफन नहीं मिलता हमने 2 लाख का बीमा दिया
मोदी ने कहा कि इस देश का आदमी कानूनों के जंगल में जकड़ा हुआ था। हजारों ऐसे कानून हैं जिनकी कोई जरूरत नहीं लेकिन आम आदमी उनसे परेशान है। मैंने आते ही ऐसे कानूनों को खत्म करना शुरू कर दिया।
लगभग 1300 कानूनों को खत्म किया जाएगा। पहले ये कानून था कि अपना फार्म अटैच्ड़ करवाने के लिए जगह जगह धक्के खाने पड़ते थे, मैने यह व्यवस्था खत्म की आदमी को उसकी ईमानदारी के लिए दूसरे के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। हमने अपने देश के लोगों पर विश्वास किया।
यही हाल पेंशन लेने वालों का था, जिन्हें हर साल अपने जिंदा होने का सबूत देना पड़ता था। अब हमने ये व्यवस्था खत्म कर दी। मोदी ने अपनी उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि 12 रुपए में कफन नहीं मिलता हमने लोगों को दो लाख का बीमा दिया। आम आदमी और गरीब किसान को अटल पेंशन योजना का लाभ दिया। जिसमें आपके मरने के बाद भी परिवार को लाभ मिलता रहेगा।
मोदी ने बताया कि मेरे आने से पहले 27 हजार करोड़ रुपए फंड खाते में आम मजदूर और नौकरी पेशा लोगों के बेकार पड़े हुए थे हमने उन्हें वापस करने की व्यवस्था की। मोदी ने इस दौरान स्व्च्छता अभियान और जनधन जैसी योजनाओं का जिक्र कर आम आदमी के दिल को छूने की कोशिश की। दावा किया की सालभर में महंगाई पर काफी हद तक लगाम लगी है।
मोदी ने बताया क्यों आया मथुरा
रैली में पहुंचते ही मोदी ने अपने चिरपरिचत अंदाज में लोगों से भारत माता की जय के नारे लगवाए। इसके बाद श्रीकृष्ण को नमन करते हुए अपना भाषण शुरू किया।
ब्रज की भूमि से मोदी ने श्रीकृष्ण और भाजपा के संस्थापक पंडित दीनदयाल को याद करते हुए कहा कि ब्रज की भूमि में कण-कण पर विराजमान हैं श्रीकृष्ण।
श्रीकृष्ण का संदेश था कर्म करते रहो तो पंडित दीनदयाल का उद्देश्य था न रुको न रुको चलते रहो। यही संदेश वो हम सब कार्यकर्ताओं को देते रहे थे। आपने एक साल पूर्व चुनाव का निर्णय किया और तीस साल के बाद दिल्ली में एक पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।
उन्होंने यहां रैली करने के संबंध में कहा कि सरकार का सालभर पूरा होने पर हम चाहते तो किसी भी बड़े शहर या राजधानी में एक जलसा रख सकते थे, लेकिन मैंने सुझाव दिया कि जिस दिन मुझे संसद के अंदर नेता के तौर पर चुना गया था, तब मैंने कहा था कि ये सरकार गरीबों के कल्याण के लिए है इसलिए सालभर पूरा होने के बाद जिस महापुरुष ने इस बीज को बोया था उस महापुरुष की भूमि से इस रैली का शुभारंभ करूं।
जनसंघ के संस्थापक सदस्य के गांव पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनसंघ के संस्थापक सदस्य पं दीनदयाल उपाध्याय के जन्मस्थल मथुरा के नंगला चन्द्रभान गांव पहुंच चुके हैं। जहां उन्होंने दीनदयाल धाम पहुंचने के बाद कहा कि पंडित जी के जीवन से मुझे प्रेरणा का स्रोत मिलता रहा है।
सरकार की एक साल की उपलब्धियों का संदेश ब्रजभूमि से सोमवार को दुनिया भर में जाएगा। इसके बाद होने जा रही रैली में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह रिपोर्ट कार्ड पेश करने वाले हैं। यहां भविष्य की कुछ बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है तो राहुल गांधी के ‘सूटबूट वाली सरकार’ समेत विपक्ष के तमाम कटाक्ष का जवाब भी मोदी दे सकते हैं।
‘जनकल्याण सभा’ नाम से हो रही रैली के लिए दीनदयाल धाम दुल्हन की तरह दमक रहा है। अब से कुछ ही देर में मोदी रैली को संबोधित करने वाले हैं। उम्मीद है कि मंच से मोदी यमुना के लिए भी बड़ी घोषणा कर सकते हैं। ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा का संदेश यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संघ के माध्यम से उन तक पहुंचा चुके हैं।
इसके पूर्व चुनाव प्रचार के दौरान गत वर्ष 21 अप्रैल को जब मोदी आए थे तो उन्होंने यमुना को साबरमती सा निर्मल बनाने की घोषणा की थी। दीनदयाल धाम को कौशल विकास का बड़ा केंद्र बनाने की घोषणा भी संभव है।
राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार के गठन के ठीक पहले जब बैठक हुई थी तो दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय योजना पर अमल का संकल्प लिया गया था। सरकार बनने के बाद जनधन से लेकर अन्य सभी योजनाएं गरीबों के उत्थान को समर्पित हैं। अब ब्रजभूमि मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियों की घोषणा का गवाह बनेगी।
सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा, स्वतंत्रदेव सिंह सहित सभी प्रमुख नेता पिछले कई दिनों से मथुरा में लगातार बैठकें और जनसंपर्क करते रहे।
दीनदयाल धाम में प्रधानमंत्री की जनकल्याण सभा के दौरान दीनदयाल स्मारक समिति के सदस्यों के साथ-साथ आरएसएस के प्रांत स्तर के पदाधिकारी पीएम से मुलाकात करेंगे। 30 मिनट की इस मुलाकात में आरएसएस और समिति के पदाधिकारी प्रधानमंत्री को ब्रज क्षेत्र के विकास के साथ यमुना शुद्धीकरण के मुद्दे पर प्रमुखता से चर्चा करेंगे।