पंजाब के लुधियाना के पास जगरांव में पंजाबी वेशभूषा में पगड़ी पहने हुए भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर जमकर बरसे और अमूमन वही सारी बातें कहीं जो अक्सर वह पिछली रैलियों में कहते आए हैं।
रैली में आए लोगों को भावनात्मक रूप से खुद से जोड़ने के लिए मोदी ने कहा कि पंजाब के साथ उनका विशेष रिश्ता है। उन्होंने इसके लिए गुजरात को पंजाब से जोड़ा। कहा कि पंच प्यारों में एक गुजरात के द्वारका का था।
उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव की पादुकाएं आज भी कच्छ के गुरुद्वारे में संभालकर रखी हुई हैं। कहा कि भूकंप में जब वह गुरुद्वारा ध्वस्त हुआ तो उन्होंने उसे हूबहू वैसा ही बना दिया जैसा कि पहले था।
गुजराती पंजाबी भाई-भाई
अपने भाषण में नरेंद्र मोदी ने फिर गुजरात के खूब गुण गाए। उन्होंने कहा कि गुजरात पर जितना अधिकार मोदी का है उतना ही हर भारतीय का है। गुजरात में सिख किसानों को पूर्ण संरक्षण देने की बात कहते हुए मोदी बोले, 'किसी भी सिख किसान को गुजरात छोड़ने नहीं दिया जाएगा।'
विश्व में गुजराती और सिखों की मौजूदगी को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया में दोनों कंधे से कंधे मिलाकर चल रहे हैं।
गुजराती-पंजाबी भाई-भाई के रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए अकाली दल के साथ बीजेपी के गठबंधन को उन्होंने राजनीतिक के साथ सामाजिक गठबंधन बताया।
'बादल जी से बहुत कुछ सीखा'
मोदी ने अपने भाषण में पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली दल नेता परकाश सिंह बादल को अपना गुरु बताते हुए कहा कि राजनीतिक और प्रशासनिक कामों को उन्होंने उनसे ही सीखा। उन्होंने कहा कि त्याग की शिक्षा उन्होंने पंजाब में पाई और इस परंपरा को निभाएंगे।
इसके बाद मोदी ने देश के आर्थिक विकास का विजन लोगों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए कृषि उत्पादन को बढ़ाने की जरुरत है लेकिन इसके लिए आधुनिक विज्ञान को अपनाना होगा।
उन्होंने परकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीनियर बादल जहां कृषि और किसानों का ध्यान रखते हैं वहीं जूनियर बादल तकनीक को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हम नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस है लेकिन जब सरकार बनाते हैं तो नेशनल डेवलपमेंट एलायंस होते हैं।
कांग्रेस पर जमकर बरसे मोदी
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मोदी ने सबसे पहले पंजाब से महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का नाम लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी लाला लाजपत राय को याद नहीं करते, सिर्फ एक परिवार को याद करते हैं।
उन्होने आदर्श, बोफोर्स और कोल घोटाला को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की एबीसीडी बन गई है। राजीव गांधी की वह बात भी याद दिलाई कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गांव तक सिर्फ 15 पंद्रह पैसे पहुंचता है और पूछा कि कौन सा पंजा उस पैसे को खा जाता था?
मोदी ने लोगों से वादा किया कि अगर वह सत्ता में आए तो देश की तिजोरी पर 'पंजा' नहीं पड़ने देंगे।