अटल-आडवाणी की छाया और युग से पूरी तरह बाहर आ चुकी भाजपा में अब आम चुनाव बाद मुस्लिम राजनीति भी नई करवट लेगी।
पुराने मुस्लिम चेहरों के इतर नए चेहरों पर दांव लगा कर पार्टी की योजना इस बिरादरी के पिछड़े तबके यानी पसमांदा मुसलमानों को साथ लाने के लिए लंबी कसरत करने की है।
खास बात यह है कि पिछडे़ मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने के लिए आम चुनाव के बाद बड़े स्तर पर कवायद शुरू करने की योजना खुद पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की है।